Wednesday, February 11, 2026
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छत्तीसगढ़ के पर्यटन को मिली नई पहचान, मधेश्वर पहाड़ को मिला विश्व की सबसे बड़ी प्राकृतिक शिवलिंग होने का खिताब…

रायपुर। छत्तीसगढ़, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है, अब एक और ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ दुनिया भर में अपनी पहचान बना चुका है। जशपुर जिले स्थित मधेश्वर पहाड़ को हाल ही में विश्व की सबसे बड़ी प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है। यह सम्मान अब इस पहाड़ को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान दिलवाने में सफल रहा है। इस उपलब्धि के साथ छत्तीसगढ़ का पर्यटन जगत एक नई ऊँचाई पर पहुंच चुका है, और इसके साथ ही प्रदेश की संस्कृति और धर्मिक विरासत को भी दुनिया भर में पहचान मिल रही है।

मधेश्वर पहाड़ को “लार्जेस्ट नेचुरल फैक्सिमिली ऑफ शिवलिंग” के रूप में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। यह पहाड़ प्राकृतिक रूप से बने शिवलिंग के आकार में है, जो अपनी विशालता और सौंदर्यता के लिए प्रसिद्ध है। इस प्राकृतिक शिवलिंग का आकार और इसकी संरचना न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह जशपुर जिले के पर्यटन को भी एक नई दिशा दे रहा है।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को बधाई दी और इसे प्रदेश के पर्यटन की उपलब्धियों में एक नए आयाम के रूप में देखा। उनका मानना है कि यह उपलब्धि राज्य के पर्यटन क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगी और छत्तीसगढ़ को एक नई पहचान दिलवाएगी।

मधेश्वर पहाड़ की इस नई पहचान के बाद जशपुर जिले का महत्व और भी बढ़ गया है। हाल ही में ईज़ी माई ट्रिप जैसी प्रमुख पर्यटन वेबसाइट ने जशपुर जिले को अपनी सूची में शामिल किया है, जो कि छत्तीसगढ़ का पहला जिला है जिसे इस वेबसाइट पर स्थान मिला है। इससे जशपुर जिले के पर्यटकों को जिले के प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी, और पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा। यह उपलब्धि न केवल जशपुर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए फायदेमंद साबित होगी।

मधेश्वर पहाड़ की पहचान और जशपुर जिले की प्रमुख पर्यटन वेबसाइट पर उपस्थिति से राज्य के पर्यटन क्षेत्र को एक नई दिशा मिल रही है। छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों से प्रदेश के पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि यह उपलब्धि राज्य के पर्यटन को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में मदद करेगी और पर्यटकों के बीच छत्तीसगढ़ को एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करेगी।

इस अवसर पर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधि हेमल शर्मा और अमित सोनी ने मुख्यमंत्री साय से मुलाकात की और उन्हें इस ऐतिहासिक उपलब्धि का प्रमाणपत्र सौंपा। यह पहल छत्तीसगढ़ के पर्यटन को एक नई दिशा देगी, जिससे अधिक से अधिक पर्यटक राज्य की समृद्ध संस्कृति, इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता को देख सकेंगे।

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