बिलासपुर। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत तारबाहर थाना पुलिस ने एक ऐसे म्यूल अकाउंट सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है, जो देशभर में फैल रहे साइबर ठगी नेटवर्क के लिए “स्लीपर सेल” की तरह काम कर रहा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो लोगों के बैंक खाते कमीशन के बदले लेकर उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाने का काम कर रहा था।
मामला थाना तारबाहर के अपराध क्रमांक 155/2026 से जुड़ा है, जिसमें धारा 318(4), 3(5), 112 बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दीपेश कुमार गुप्ता (21 वर्ष) निवासी ग्राम सिरसी, थाना बसदई, जिला सूरजपुर के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार 13 मई 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक युवक काला टी-शर्ट पहनकर व्यापार विहार स्थित स्टेट बैंक के आसपास घूम रहा है और बैंक आने-जाने वाले लोगों को उनके बैंक खाते, एटीएम व बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के बदले कमीशन देने का लालच दे रहा है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह को अवगत कराया गया, जिनके निर्देश पर तत्काल टीम गठित कर कार्रवाई की गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पटेल एवं नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी रविन्द्र अनंत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेराबंदी कर संदिग्ध युवक को पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह विभिन्न लोगों से बैंक खाते और बैंकिंग जानकारी लेकर उन्हें अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराता था तथा बदले में नकद कमीशन प्राप्त करता था।
जांच के दौरान आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन जप्त किया गया, जिसमें विभिन्न बैंकों के खातों की जानकारी, संपर्क विवरण और संदिग्ध लेन-देन से जुड़े डाटा मिले हैं। पुलिस अब मोबाइल के तकनीकी विश्लेषण के जरिए इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि ऐसे “म्यूल अकाउंट सिंडिकेट” साइबर अपराधियों के लिए बेहद अहम कड़ी होते हैं। ये गिरोह सामान्य नागरिकों के बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम मंगाने, ट्रांसफर करने और तुरंत निकालने के लिए करते हैं, जिससे असली अपराधियों तक पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस तरह के नेटवर्क राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय संगठित साइबर अपराध सिंडिकेट का हिस्सा होते हैं और इनके जरिए करोड़ों रुपये की ठगी की रकम देशभर में घुमाई जाती है।
पुलिस ने आम लोगों को भी सख्त चेतावनी दी है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल नंबर या इंटरनेट बैंकिंग सुविधा कमीशन के बदले उपलब्ध कराना गंभीर अपराध है। ऐसा करने वालों को भी साइबर अपराध में सह-अभियुक्त माना जाएगा और उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
“आपका बैंक खाता – आपकी जिम्मेदारी” संदेश के साथ पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और साइबर अपराध से बचने की अपील की है।
इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक रविन्द्र अनंत, उपनिरीक्षक उदयभान सिंह, आरक्षक राहुल राजपूत, कौशल जांगड़े एवं महेन्द्र सोनकर की सराहनीय भूमिका रही।


