बिलासपुर। जिले में अवैध कबाड़ कारोबार और चोरी की सरकारी संपत्तियों की खरीद-फरोख्त के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत बिल्हा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कबाड़ कारोबार के एक ऐसे नेटवर्क पर चोट की है, जिस पर लंबे समय से संदेह जताया जा रहा था। थाना बिल्हा और रेलवे विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमार कार्रवाई कर 83 क्विंटल 15 किलो लोहे का कबाड़, रेलवे लाइन के पार्ट्स और दो वाहनों सहित कुल 14 लाख 25 हजार 500 रुपये की संपत्ति जब्त की है।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बिल्हा निवासी इमरान कुरैशी अपने कबाड़ गोदाम में भारी मात्रा में संदिग्ध सामान एकत्र कर वाहनों में लोड करा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस और रेलवे विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से दबिश दी। जांच के दौरान कबाड़ दुकान और मौके पर खड़े छोटा हाथी एवं पिकअप वाहन से रेलवे ट्रैक में उपयोग होने वाले लोहे के लाइनर, चाबियां, एंगल, प्लेट, पाइप, लोहे की छड़, कांटेदार तार और अन्य सामग्री बरामद हुई।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि बरामद सामान के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका। रेलवे संपत्ति से जुड़े लोहे के पार्ट्स की बरामदगी ने मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस ने मौके से सात लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सामान और वाहनों को जब्त कर लिया।
एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर जिले में चल रहे ऑपरेशन प्रहार का उद्देश्य चोरी के माल की खरीद-फरोख्त करने वाले नेटवर्क को खत्म करना है। पुलिस का मानना है कि चोरी की घटनाओं के पीछे केवल चोर ही जिम्मेदार नहीं होते, बल्कि ऐसे खरीदार भी उतने ही दोषी हैं जो बिना किसी वैध दस्तावेज के चोरी का सामान खरीदकर उसे खपाने का काम करते हैं।

बिल्हा में हुई इस कार्रवाई ने कबाड़ कारोबार से जुड़े लोगों के बीच खलबली मचा दी है। लंबे समय से यह शिकायत मिलती रही है कि चोरी का लोहे का सामान और सरकारी संपत्तियों के हिस्से कबाड़ के नाम पर खरीदे-बेचे जा रहे हैं। पुलिस की इस कार्रवाई को ऐसे अवैध कारोबारियों के लिए सख्त चेतावनी माना जा रहा है।
मामले में इमरान कुरैशी सहित सात लोगों के खिलाफ बीएनएस, बीएनएसएस और रेल संपत्ति अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद रेलवे सामग्री कहां से लाई गई और इसके पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है।
बिल्हा पुलिस की यह कार्रवाई सिर्फ एक कबाड़ दुकान तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे जिले में अवैध कबाड़ कारोबार के खिलाफ बड़े अभियान की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। यदि जांच आगे बढ़ती है तो आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं। ऑपरेशन प्रहार के तहत हुई इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अब चोरी का माल खरीदने और बेचने वालों पर पुलिस की नजर है और कानून से बच पाना आसान नहीं होगा।


