Sunday, March 15, 2026
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पूर्व भाजपा सांसद अभिषेक सिंह और मधुसूदन यादव को पुलिस ने भेजा नोटिस, जानिए पूरा मामला…

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार चिटफंड के मामलों में कोई भी कड़ा रुख अपनाने को तैयार है। राज्य में लगातार फरार चिटफंड कम्पनियों के संचालकों की गिरफ्तारी कर सम्पत्तियों की कुर्की की जा रही है। लेकिन चिटफण्ड मामले में राजनांदगांव पुलिस ने गुरुवार को दो पूर्व सांसद और भाजपा नेता अभिषेक सिंह और मधुसूदन यादव को ही चिटफण्ड मामले में नोटिस जारी कर न्यायालय में पेश होने कहा है। इस तरह के नोटिस में पहले भी दोनों ने हाईकोर्ट से स्टे ले लिया था। लेकिन इस नोटिस के अनुसार दोनों की न्यायायल में उपस्थिति अनिवार्य होगी।

जिले के तीन थानों से जारी हुआ नोटिस

दोनों भाजपा नेताओं को राजनांदगांव जिले के तीन थानों से नोटिस जारी की गई है। जिसमें जिले के घुमका, चिखली और लालबाग थाने से नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस 14 सितंबर को संबंधित थानों से जारी हुई है। जिसमें कहा गया है की अनमोल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड चिटफंड मामले में संलिप्तता पर 16 सितंबर को सत्र न्यायालय राजनांदगांव में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखेंगे। नोटिस की पुष्टि थाना प्रभारियों ने की है।

पूर्व सासंद प्रतिनिधि ने बताया न्यायालय की अवमानना

पूर्व सांसद अभिषेक सिंह के प्रतिनिधि रविंद्र सिंह ने पुलिस द्वारा जारी किए गए नोटिस को लेकर कहा कि इस तरह के अनेक मामलों में पूर्व सांसद अभिषेक सिंह व मधुसूदन यादव को उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा पहले भी स्टे दिया गया है। इसलिए इस तरह का नोटिस बार बार दिया जाना न्यायालय की अवमानना का कारण बन सकता है।

पूर्व सांसदों पर इसलिए दर्ज हुआ है मामला

दरअसल भाजपा के पूर्व सांसद और पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह, और पूर्व सांसद मधुसूदन यादव पर अनमोल इंडिया चिटफंड प्राइवेट मामले में उनकी संलिप्तता के आरोप है। अनमोल इंडिया कम्पनी द्वारा निवेशकों से करोड़ो रूपये जमा कराए गए थे। लेकिन अब तक भुगतान नही किया गया है। जिसे लेकर दोनों के खिलाफ जिले तीन थानों में धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया गया था। दोनों पूर्व सांसदों के खिलाफ थानों में धारा 120बी, 420, 406, 467, 468, 471, 384 आईपीसी 10 छग निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2000, 3, 4, 6 प्राइज चिट एंड मनी सर्कुलेशन, स्कीम परिचालन पाबंदी एक्ट 1978 में उनकी संलिप्तता के आधार पर धारा 420 का मामला दर्ज है।

16 सितम्बर को न्यायायल में प्रस्तुत होंना अनिवार्य

इस नोटिस के अनुसार 16 सितंबर को न्यायालय के समक्ष चालान पेश किया जाएगा। धारा 41 (1) (ख) दंड प्रक्रिया संहिता के प्रावधान के अनुरूप धारा 420 में दोनों की गिरफ्तारी अपेक्षित न होने से बगैर गिरफ्तारी के ही अभियोग पत्र प्रस्तुत किया जा रहा है। इस वजह से दोनों नेताओं को न्यायालय में उपस्थित रहने कहा गया है। हालांकि इस तरह के मामले में पहले भी हाईकोर्ट से स्टे दिया जा चुका है। लेकिन विभिन्न थानों में अपराध दर्ज होने की वजह से दोनो नेताओ को न्यायालय में उपस्थित होने कहा गया है।

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