Tuesday, April 7, 2026
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पांच महीने बाद अचानक जागे नगर निगम ने हरी चटनी रेस्टोरेंट को खुलने से पहले तोड़ा, संचालक ने लगाया निगम पर आरोप…

बिलासपुर। सरकारी जमीन पर बने अवैध दुकान तोड़ने पर जमकर हंगामा हुआ। नगर निगम आयुक्त ने खड़े होकर एक दुकान पर बुल्डोजर चलवा दिया। निगम की इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आसपास के सभी अवैध कब्जे को खाली कराने की मांग उठने लगी है। हालांकि, नगर निगम आयुक्त ने भरोसा दिलाया है, कि सभी सरकारी जमीन पर कब्जा दुकानों और मकानों को खाली कराया जाएगा। पूरा मामला उसलापुर रोड स्थित रेलवे की अधिग्रहित जमीन का है।

1932 से 1935 के दौरान शासन की ओर से पुराना बस स्टैंड से उसलापुर और मुंगेली रोड सकरी से पहले तक की जमीन को रेलवे को आबंटित की गई थी। इसमें खसरा नंबर 1552 सहित कई अन्य नंबरों की जमीनें शामिल हैं। रेलवे लाइन का निर्माण नहीं होने के कारण यह जमीन नगर निगम को बंदोबस्त के लिए दे दी गई। लेकिन, गहरी नींद में सो रहे नगर निगम इस जमीन को सहेज नहीं पाई और नली से अंदर 80 फीट चौड़ी इस जमीन पर नर्मना नगर से लेकर उसलापुर तक कब्जा कर लिया गया है।

कब्जाधारी ने की आपत्ति: कई सालों से अपने कब्जे में रखे जमीन पर कब्जाधारी करण सिंह ठाकुर ने दुकान बना लिया। इसमें हरी चटनी के नाम से रेस्टोरेंट खोलने की तैयारी कर ली गई थी, अचानक नींद से जागे निगम ने नोटिस जारी किया, जिसे खाली करने के लिए नगर निगम आयुक्त वासु जैन के निर्देश पर  शनिवार को नोटिस दिया गया। इस बीच मंगलवार को आयुक्त जैन खुद अतिक्रमण दस्ते के साथ पहुंच कर नवनिर्मित दुकान पर बुलडोजर चलवा दिया। इस पर दुकान संचालक करण सिंह ठाकुर सहित अन्य लोगों ने आपत्ति जताई और कहा की बड़े बड़े रसूखदार लोग जो बेजा कब्जा कर के दुकान और मकान बना रखा है उस भी खाली कराने की मांग की है। उन्होंने इस कार्रवाई को एकतरफा और दुर्भावनापूर्ण बताया।

27 कब्जाधारियों को नोटिस: इधर, नगर निगम के अफसरों ने बताया कि सालों पुरानी रेलवे की इस जमीन पर अब 80 फीट की स्मार्ट सड़क बनाने की योजना है, जिसके लिए कब्जाधारियों को नोटिस जारी कर कब्जा खाली करने के लिए कहा गया है। नगर निगम द्वारा दावा किया जा रहा है कि उसलापुर में नगर निगम की जमीन को खाली कराने के सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अवैध कब्जे की जमीन पर है पेट्रोल पंप और हास्पिटल

बताया गया कि रेलवे को आबंटित यह जमीन अब राज्य सरकार के ना पर है, जिसकी देखरेख के अभाव और नगर निगम प्रशासन की मिलीभगत से व्यापारियों ने कब्जा कर लिया है। यहां सरकारी जमीन पर पेट्रोल, पंप, लकड़ी टॉल और हास्पिटल बना लिया गया है, जिस पर नगर निगम का कोई ध्यान नहीं है।

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