Wednesday, April 29, 2026
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आपके मोबाइल का यह वायरस चुरा रहा है आपका प्राइवेट डाटा

सिक्योरिटी रिसर्चर ने कहा है कि यूजर थर्ड पार्टी ऐप स्टोर से ऐप्स डाउनलोड न करें

ताज़ख़बर36गढ़:- अगर आप मोबाइल इस्तेमाल करते हैं तो अलर्ट हो जाइए. दो खतरनाक वायरस आपकी बैंक की निजी जानकारी पर आंखें गड़ाए हुए हैं. इस बात का खुलासा ग्लोबल आईटी सिक्योरिटी फर्म क्वीक हील ने किया है. ये वायरस यूजर के मोबाइल में घुसकर प्राइवेट डेटा जैसे बैंक डिटेल को चुरा लेते हैं.

इस बारे में क्वीक हील ने चेतावनी जारी की है. क्वीक हील के एक्सपर्ट्स ने दो वायरस “Android.Marcher.C” और “Android.Asacub.T” का पता लगाया है. ये दोनों ही वायरस फोन में वाट्सऐप, फेसबुक, स्काइप, इंस्टाग्राम और ट्वीटर के साथ बैंकिंग ऐप के नोटिफिकेशन की नकल करते हैं.

वायरस कैसे चोरी करवाते हैं डेटा?

ये प्रशासकिय विशेषाधिकर के जरिए इनकमिंग मैसेज का एक्सेस हासिल कर लेते हैं. साथ ही यह वायरस हैकर्स को ओटीपी मुहैया करा देते हैं जिससे हैकर्स आसानी से आपके सारे पैसों को अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर सकते हैं. क्विक हील के सीटीओ, संजय कातकर ने कहा, ‘भारतीय यूजर अक्सर ऐप की जांच किए बिना थर्ड पार्टी ऐप स्टोर से डाउनलोड करते हैं. साथ ही लिंक एसएमएस या ईमेल पर मिलने पर भी वे ऐप डाउनलोड करते हैं. इस तरह से हैकर्स को यूजर्स की निजी जानकारी चुराने का मौका मिल जाता है.

हमने पिछले 6 महीनों में ऐसे 3 वायरस ढूंढे हैं. इससे एक बात साफ हो जाती है कि अब हैकर्स मोबाइल यूजर्स को निशाना बना रहे हैं. जाहिर है कि भारत में ज्यादातर मोबाइल यूजर को इस बारे में कोई जानकारी भी नहीं है.ट

‘Android.Marcher.C’ वायरस ऐडोब फ्लैश प्लेयर के आइकन का इस्तेमाल करता है और एक असली ऐप नजर आता है. वहीं ‘Android.Asacub.T’ एंड्रॉयड अपडेट आइकन का इस्तेमाल करता है. जब भी यूजर इस वायरस वाले ऐप को एक्सेस करता है तब वह उन्हें अपने बैंकिंग डीटेल को डालने के लिए झांसे में फंसा लेता है. यह पहला मौका नहीं है जब क्वीक हील ने ने वायरस का पता लगाया है. इस साल जनवरी में भी शोधकर्ताओं ने एक अलर्ट जारी किया था.

कुछ महीनों पहले ‘Android.banker.A2f8a’ के नाम से जाना जाने वाला वायरस फेक फ्लैश प्लेयर के नाम से थर्ड पार्टी ऐप स्टोर से बांटा गया था. इस ऐप ने कई सारे बैंकिंग और क्रिप्टोकरेंसी ऐप के फर्जी वर्जन तैयार किए थे.

कैसे बचें इन वायरस से?

सिक्योरिटी रिसर्चर ने कहा है कि यूजर थर्ड पार्टी ऐप स्टोर से ऐप्स डाउनलोड न करें. साथ ही एसएमएस और ईमेंल में उपलब्ध लिंक से भी ऐप डाउनलोड न करें.

हमेशा ‘Unknown Sources’ को डिसेबल रखें और कभी भी ऑफिशियल ऐप को डाउनलोड करने के पहले ऐप परमीशन चालू रखें. यूजर्स हमेशा Google Play Protect service चालू करके रखें. साथ ही एक अच्छा मोबाइल सिक्योरिटी ऐप अपने मोबाइल पर रखें जो फेक ऐप का पता लागाए और उन्हें ब्लॉक करे.

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