Friday, March 27, 2026
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बिलासपुर केंद्रीय जेल में सरप्राइज चेकिंग: प्रताड़ना और उगाही के आरोपों पर कलेक्टर और एसपी ने जानिए क्या कहा…

बिलासपुर की केंद्रीय जेल से कैदियों के साथ प्रताड़ना और उगाही की खबरों के बाद प्रदेश में हड़कंप मच गया। इस मामले को तब और गंभीरता मिली जब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को बंदियों के परिजनों द्वारा भेजे गए एक पत्र के वायरल होने की खबर आई। पत्र में जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसके बाद प्रशासन की सक्रियता बढ़ी और जेल का तत्काल निरीक्षण करने का फैसला लिया गया।

गुरुवार शाम कलेक्टर अविनाश शरण और एसपी रजनेश सिंह, निगम आयुक्त अमित कुमार, एसडीएम पीयूष तिवारी सहित अन्य अधिकारियों के साथ केंद्रीय जेल पहुंचे और करीब 45 मिनट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने कहा कि जेल की स्थिति “ओके” है, हालांकि कुछ कमियों पर ध्यान दिया गया और जेल अधीक्षक को उन्हें दूर करने के निर्देश दिए गए।

जब कलेक्टर अविनाश शरण से वायरल पत्र के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस पत्र की जानकारी मीडिया के माध्यम से ही मिली है। आरोपों की पुष्टि के लिए जेल अधीक्षक से जानकारी मांगी गई है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने जेल में बंदियों की संख्या के बारे में भी बात की और बताया कि जेल में क्षमता से अधिक कैदी हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए नए जेल भवन के निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू कराई जाएगी।

एसपी रजनेश सिंह ने भी मीडिया से बातचीत में बताया कि मीडिया के माध्यम से मिली जानकारी की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि चार महीने पहले एक मामले में कार्रवाई की गई थी, लेकिन फिलहाल जेल में प्रताड़ना या उगाही जैसी कोई गतिविधि नजर नहीं आई है। उन्होंने यह भी कहा कि जेल में अचानक निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया गया, लेकिन अभी तक ऐसी कोई स्थिति सामने नहीं आई है जो वायरल पत्र के आरोपों की पुष्टि करती हो।

हालांकि प्रशासन ने जेल की स्थिति को संतोषजनक बताया, लेकिन वायरल पत्र के आरोपों ने सरकार और न्यायपालिका दोनों के लिए सवाल खड़े कर दिए हैं। कलेक्टर और एसपी ने साफ किया कि वे इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और आरोपों की सच्चाई का पता लगाने के लिए पूरी जांच की जाएगी। जेल प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को दूर करें और कैदियों के साथ किसी भी तरह के दुर्व्यवहार को सख्ती से रोकें।

इस घटनाक्रम से स्पष्ट है कि जेल प्रशासन पर एक नजर रखने की जरूरत है और बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। हालांकि, फिलहाल प्रशासन की ओर से जेल की स्थिति को संतोषजनक बताया गया है, लेकिन जांच पूरी होने तक अंतिम निष्कर्ष पर पहुँचना जल्दबाजी होगी।

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