बिलासपुर। 22 अक्टूबर, 2024 को छत्तीसगढ़ राज्य में न्यायिक अधोसंरचना के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया, जब चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने बेमेतरा में कुटुंब न्यायालय भवन का वर्चुअल माध्यम से भूमिपूजन और शिलान्यास किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रत्येक जिले में उच्च गुणवत्ता और समस्त सुविधाओं से युक्त न्यायालय भवनों और आवासीय संरचनाओं का निर्माण सुनिश्चित करना है।
न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने उच्च न्यायालय बिलासपुर से वर्चुअल संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में गुणवत्ता से परिपूर्ण और सुविधाजनक न्यायालय भवनों का निर्माण उनकी प्राथमिकता है। इस लक्ष्य की दिशा में बेमेतरा में कुटुंब न्यायालय भवन का निर्माण एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने भवन निर्माण की गुणवत्ता पर बल देते हुए कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भवन समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ तैयार हो। भविष्य में यह भवन लोगों को लंबे समय तक याद रहे, यही लक्ष्य होना चाहिए।

न्यायमूर्ति सिन्हा ने इस अवसर पर यह भी उल्लेख किया कि नया न्यायालय भवन सभी आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित होगा, जिससे यहां आने वाले पक्षकारों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। भवन में कोर्ट रूम, न्यायाधीश विश्राम कक्ष, मीटिंग हॉल, लाइब्रेरी, काउंसिलिंग रूम, किलकारी रूम, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम सहित अन्य कई सुविधाओं का प्रावधान होगा, जो न्यायालयीन कामकाज को सुगम बनाएंगे।
यह न्यायालय भवन कुल 18,000 वर्ग फीट क्षेत्र में फैला होगा, जिसमें कर्मचारियों और न्यायाधीशों के लिए विभिन्न प्रकार के कक्ष होंगे। इस भवन के निर्माण के लिए 2 करोड़ 73 लाख 86 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है, और इसे 15 महीने के भीतर पूर्ण करने का कार्यादेश जारी किया गया है। यह सुनिश्चित किया गया है कि निर्माण कार्य समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य में न्यायिक अधोसंरचना में निरंतर सुधार हो रहा है। न्यायालय भवन और कर्मचारी आवास के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे न्यायाधीशों और कर्मचारियों के कार्य वातावरण में भी सुधार हो रहा है। इसके परिणामस्वरूप पक्षकारों को भी सुविधा मिल रही है, और न्यायिक प्रक्रिया अधिक सुगम हो रही है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास ने भी वर्चुअल रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने न्यायिक अधोसंरचना के सुधार और विकास में इस कदम को महत्वपूर्ण बताया और न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण की आवश्यकता पर जोर दिया।
न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य की न्यायिक प्रणाली में सकारात्मक बदलाव लाए जा रहे हैं। न्यायिक भवनों और आवासीय सुविधाओं के निर्माण के साथ-साथ न्यायालयीन अधिकारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण प्रदान करने के प्रयास हो रहे हैं। इससे न केवल न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुगमता आएगी, बल्कि न्यायपालिका की क्षमता में भी वृद्धि होगी।
कुल मिलाकर, बेमेतरा कुटुंब न्यायालय भवन का निर्माण छत्तीसगढ़ में न्यायिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे राज्य की न्यायपालिका को मजबूती मिलेगी और न्यायिक कार्यों की दक्षता में सुधार होगा।


