13 जनवरी 2025, बिलासपुर (छत्तीसगढ़):
बिलासपुर रेंज साइबर थाना ने ऑनलाइन वित्तीय ठगी के एक बड़े मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। इस कार्रवाई में 42 लाख रुपये की ठगी के मामले का पर्दाफाश हुआ है। यह मामला रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र से संबंधित है, जिसमें ठगों ने लोगों को स्टॉक मार्केट में निवेश कर अधिक लाभ कमाने का लालच देकर ठगा।
रायगढ़ जिले के निवासी आनंद अग्रवाल ने शिकायत की थी कि ठगों ने उन्हें स्टॉक मार्केट में निवेश कर 3.48 करोड़ रुपये का लाभ होने का झांसा दिया। इस प्रक्रिया में उनसे 41 लाख रुपये ठग लिए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे बिलासपुर रेंज साइबर थाना को सौंपा गया।
साइबर थाना की टीम ने तकनीकी जानकारी, बैंक खातों की ट्रांजेक्शन डिटेल्स और अन्य डेटा का उपयोग करते हुए जांच शुरू की। जांच के दौरान यह पता चला कि ठगी में फर्जी सिम कार्ड और बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया था। आरोपी “इंडिया मार्ट” और “प्रीमियम बल्क डेटा” जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग कर ट्रेडिंग करने वाले लोगों का डेटा खरीदते थे।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपी चिरागजी ठाकोर (21 वर्ष) गुजरात के महेसाणा जिले का निवासी है। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे “प्रीमियम बल्क डेटा” से खरीदे गए नंबरों का उपयोग कर लोगों को ठगते थे। इसके लिए वे 10 रुपये प्रति नंबर तक भुगतान करते थे, विशेष रूप से उन व्यक्तियों का डेटा खरीदते थे जो पहले से ट्रेडिंग में सक्रिय थे।
आरोपियों ने फर्जी बैंक खाते और सिम कार्ड का उपयोग कर ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया और फिर एटीएम से रकम निकाल ली।
साइबर अपराध में उपयोग की गई तकनीक
- फर्जी सिम कार्ड और बैंक खाते: धोखाधड़ी की रकम को ट्रैकिंग से बचाने के लिए इस्तेमाल।
- डेटा खरीद: ट्रेडिंग में रुचि रखने वाले व्यक्तियों का डेटा “प्रीमियम बल्क डेटा” कंपनी से खरीदा।
- सोशल मीडिया विज्ञापन: निवेश के नाम पर लोगों को फंसाने के लिए।
बिलासपुर पुलिस की अपील
साइबर पुलिस ने आम जनता को साइबर अपराध से बचने के लिए सतर्क रहने की अपील की है।
- स्टॉक मार्केट या अन्य निवेश योजनाओं के झांसे में न आएं।
- अनजान नंबरों से आई कॉल्स पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
- सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों से जुड़े अश्लील चैट्स या अन्य धोखाधड़ी वाले संदेशों से बचें।
- साइबर फ्रॉड की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर या http://cybercrime.gov.in पर दर्ज कराएं।
पुलिस की सख्त कार्रवाई
इस सफलता में पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला और पुलिस अधीक्षक रजनीश सिंह के निर्देशन में साइबर टीम ने उत्कृष्ट कार्य किया। आरोपी चिरागजी की गिरफ्तारी में निरीक्षक विजय चौधरी और उनकी टीम का विशेष योगदान रहा। पुलिस अब इस मामले में अन्य फरार आरोपियों मीतुल और गजेन्द्र की तलाश में जुटी है।
यह कार्रवाई साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह घटना आम जनता के लिए एक चेतावनी है कि साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से ठगी का जाल बिछा रहे हैं। सतर्क रहकर और जागरूकता फैलाकर ही इन अपराधों को रोका जा सकता है।


