बिलासपुर में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सरकंडा थाना अंतर्गत मोपका चौकी पुलिस और ACCU टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में गांजा परिवहन कर रही 8 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 90 किलो गांजा और दो इलेक्ट्रिक ऑटो जब्त किए गए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 46 लाख 75 हजार रुपये आंकी गई है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार अपराध क्रमांक 716/26 के तहत आरोपियों के खिलाफ धारा 20बी और 29 NDPS एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई 17 और 18 मई 2026 की दरम्यानी रात करीब 3 बजे की गई, जब पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि रेलवे स्टेशन की ओर से सीपत की तरफ जा रहे दो इलेक्ट्रिक ऑटो में कुछ महिलाएं भारी मात्रा में गांजा लेकर जा रही हैं।
सूचना मिलते ही मोपका चौकी पुलिस, ACCU टीम, गवाहों और स्टाफ के साथ बिलासपुर-सीपत रोड स्थित सीमेंट कंपनी के पास घेराबंदी कर रेड कार्रवाई की गई। पुलिस ने दोनों इलेक्ट्रिक ऑटो को रोककर तलाशी ली, जिसमें प्लास्टिक की बोरियों और कपड़ों के गट्ठरों में छिपाकर रखा गया 86 पैकेट गांजा बरामद हुआ। सभी पैकेट खाकी टेप से लिपटे हुए थे और प्रत्येक का वजन लगभग एक किलो बताया जा रहा है।
पुलिस ने मौके से इलेक्ट्रिक ऑटो क्रमांक CG 10 BS 7574 और CG 10 CC 3813 भी जब्त किए हैं। गिरफ्तार महिलाओं में अशोक बाई, नंद कुमारी, लक्ष्मी शिकारी, द्रोपती शिकारी, ग्यास बाई, गंगा सिंह, रम्मती शिकारी और इंद्राणी शामिल हैं। सभी आरोपी मटियारी और सीपत क्षेत्र की निवासी बताई जा रही हैं।
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस नेटवर्क के माध्यम से सप्लाई किया जाना था। शुरुआती जांच में अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह से जुड़े होने की आशंका भी जताई जा रही है।
लगातार बढ़ रही मादक पदार्थ तस्करी की घटनाओं के बीच बिलासपुर पुलिस की यह कार्रवाई बड़ी सफलता मानी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा।


