बिलासपुर। NSUI ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्रालय और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों के भविष्य से जुड़े इस बहुचर्चित घोटाले को लेकर संगठन ने जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और NTA को तत्काल भंग करने की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे NSUI जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह ने बेहद आक्रामक तेवर में केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यदि सरकार देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं रख सकती, तो उसे सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने शेरो-शायरी के अंदाज में सरकार पर निशाना साधते हुए कहा —
“कुर्सी है तुम्हारा ये जनाज़ा तो नहीं है, कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते!”
रंजीत सिंह ने कहा कि NEET-UG 2026 में हुआ कथित पेपर लीक केवल परीक्षा में अनियमितता नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के सपनों और मेहनत की हत्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की लापरवाही और शिक्षा व्यवस्था की विफलता ने देश के युवाओं को अविश्वास, तनाव और मानसिक प्रताड़ना के माहौल में धकेल दिया है।
उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पूरी तरह टूट चुकी है। NSUI ने शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफे की मांग भी की।
प्रधानमंत्री Narendra Modi पर निशाना साधते हुए रंजीत सिंह ने कहा कि “परीक्षा पे चर्चा” करने वाली सरकार अब यह बताए कि परीक्षा सुरक्षित क्यों नहीं है। छात्रों को भाषण नहीं, सुरक्षित और पारदर्शी भविष्य चाहिए। उन्होंने कहा कि देश का युवा आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
NSUI नेताओं ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को पूरी तरह विफल संस्था बताते हुए कहा कि NTA अब छात्रों के भविष्य के लिए खतरा बन चुकी है। संगठन ने मांग की कि NTA को तत्काल प्रभाव से भंग कर उसकी जगह जवाबदेह और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू की जाए।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों की आत्महत्या के मामलों का भी उल्लेख किया गया। संगठन ने कहा कि लगातार पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी और अनिश्चितता ने हजारों छात्रों को मानसिक रूप से तोड़ दिया है। NSUI ने सवाल उठाया कि आखिर इन परिस्थितियों के लिए जिम्मेदार कौन है — छात्र या वह भ्रष्ट व्यवस्था जिसने उन्हें निराशा के उस मोड़ तक पहुंचा दिया?
NSUI ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई और NTA को बैन करने का निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन देशव्यापी उग्र आंदोलन शुरू करेगा। संगठन ने साफ कहा कि यह केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था को बचाने की लड़ाई है।
इस दौरान NSUI के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें प्रदेश महासचिव विकास सिंह ठाकुर, प्रदेश सचिव लोकेश नायक, बेलतरा विधानसभा अध्यक्ष विक्की यादव, जिला उपाध्यक्ष सुमित शुक्ला, शुभम जायसवाल, प्रवीण साहू सहित बड़ी संख्या में छात्र नेता शामिल रहे।


