बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर में एक दर्दनाक घटना ने प्रशासन और न्यायपालिका को झकझोर कर रख दिया। प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की वजह से 7 वर्षीय मासूम की जान जाने के बाद राज्य में इस मुद्दे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद कलेक्टर अवनीश शरण ने स्पष्ट किया कि मुख्य सचिव के निर्देशानुसार नगर निगम और ग्राम पंचायतों को चाइनीज मांझे की बिक्री पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
यह घटना दो दिन पहले हुई, जब मासूम अपने पिता के साथ बाइक पर गार्डन जा रहा था। रास्ते में उसकी गर्दन में चाइनीज मांझा फंस गया। धारदार मांझे ने बच्चे की गर्दन को बुरी तरह घायल कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। यह घटना चाइनीज मांझे की बिक्री और उपयोग पर लगे प्रतिबंध के पालन में हो रही लापरवाही को उजागर करती है।
हादसे के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और मुख्य सचिव से शपथपत्र के माध्यम से जवाब तलब किया है। अदालत ने प्रशासन से यह भी पूछा है कि प्रतिबंधित मांझे की बिक्री पर रोक लगाने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।
प्रशासन की तत्परता और निर्देश
हाईकोर्ट की नाराजगी के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ है। कलेक्टर अवनीश शरण ने बताया कि प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री रोकने के लिए नगर निगम और ग्राम पंचायतों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत:
- विशेष जांच टीम का गठन: बाजार में चाइनीज मांझे की बिक्री पर नजर रखने और इसे रोकने के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया है।
- स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान: ग्राम पंचायतों और शहरी इलाकों में इस प्रतिबंध को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
- तत्काल कार्रवाई: चाइनीज मांझे की बिक्री करते पाए जाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध
राज्य सरकार ने पहले ही चाइनीज मांझे की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया हुआ है। इसके बावजूद, इस प्रतिबंध का पालन सख्ती से नहीं हो रहा। बाजारों में अब भी चाइनीज मांझा खुलेआम बिक रहा है, जो प्रशासनिक विफलता और निगरानी की कमी को दर्शाता है।
जनता और प्रशासन की जिम्मेदारी
चाइनीज मांझे के खतरों को देखते हुए न केवल प्रशासन बल्कि जनता को भी सतर्क रहना होगा। जहां प्रशासन को बाजारों में नियमित जांच और निगरानी करनी होगी, वहीं आम लोगों को भी जागरूक होकर इस तरह के खतरनाक मांझे का उपयोग न करने और इसकी बिक्री की सूचना तुरंत अधिकारियों को देने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
मासूम की मौत ने पूरे राज्य को हिला दिया है और चाइनीज मांझे के उपयोग पर प्रतिबंध को गंभीरता से लागू करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। प्रशासनिक तत्परता और हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद उम्मीद की जा रही है कि इस प्रतिबंध का कड़ाई से पालन होगा। लेकिन यह सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन, न्यायपालिका, और जनता को मिलकर काम करना होगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


