बिलासपुर। रायपुर रोड स्थित रामावैली कॉलोनी के निवासी इन दिनों गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। कॉलोनी में रह रहे नागरिकों को बिल्डर प्रकाश ग्वालानी की मनमानी का सामना करना पड़ रहा है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से मिली अनुमति के विरुद्ध कार्य कर रहे इस बिल्डर के खिलाफ अब विरोध तेज हो गया है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि मामला प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), गृह मंत्रालय, मुख्यमंत्री निवास, स्थानीय थाना, और राजस्व अधिकारियों तक पहुंच चुका है।
बिना सूचना काटे गए पेयजल कनेक्शन
रामावैली रेजिडेंशियल वेलफेयर सोसाइटी के सेक्रेटरी पी.वी.आर. नायडू, सी.पी. शर्मा और ए.के. नामदेव ने प्रेस क्लब में बताया कि 28 जनवरी 2025 को कॉलोनी के करीब 10 मकानों के पेयजल कनेक्शन बिल्डर ने जबरन कटवा दिए। इससे प्रभावित परिवारों को पानी की भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
बिल्डर की मनमानी और अवैध गतिविधियां
- नक्शे के विरुद्ध हो रहा निर्माण – बिल्डर ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से स्वीकृत नक्शे की अनदेखी करते हुए मनमाने ढंग से कॉलोनी का विस्तार कर दिया है।
- कोटवार भूमि पर अवैध कब्जा – सरकारी जमीन को अवैध रूप से कब्जे में लेकर उसे बंधक बनाया जा रहा है, जो कि कानूनी रूप से पूरी तरह अवैध है।
- मेंटेनेंस राशि का कोई हिसाब नहीं – निवासियों से पिछले 13 वर्षों से लगातार मेंटेनेंस शुल्क लिया जा रहा है, लेकिन उसका कोई ऑडिट या हिसाब नहीं दिया गया है।
- गुंडागर्दी और धमकी – बिल्डर और उसके लोग निवासियों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं, गाली-गलौच और धमकियां दी जा रही हैं।
- शासकीय सुविधाओं से वंचित – कॉलोनी की संपत्तियों को नगर निगम या नगर पंचायत को हैंडओवर नहीं किया गया, जिससे वहां रहने वाले लोग शासकीय सुविधाओं (पेयजल, कचरा निस्तारण, सड़क और बिजली) से वंचित हैं।
- अवैध विस्तार से करोड़ों का मुनाफा – कैटलॉग के अनुसार कॉलोनी 50.11 एकड़ की थी, लेकिन अवैध रूप से बाउंड्री वॉल तोड़कर इसे 75 एकड़ का कर दिया गया, जिससे बिल्डर ने करोड़ों रुपये का लाभ कमाया।
GST गबन का आरोप – 2017-18 के GST का गबन करने का आरोप भी बिल्डर पर लगाया गया है, जिसकी जांच की मांग की जा रही है।
कॉलोनीवासियों का संघर्ष
रामावैली सहकारी समिति 15 जुलाई 2024 से अस्तित्व में आई है, लेकिन बिल्डर और उसके सहयोगी जबरन मनमानी वसूली कर रहे हैं। बिना किसी आम सहमति के मेंटेनेंस राशि तय कर निवासियों पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
कॉलोनीवासी अब न्याय की मांग कर रहे हैं और संबंधित सरकारी विभागों से इस मामले पर जल्द से जल्द कार्रवाई करने की अपील कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर जल्द कोई समाधान नहीं निकला, तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
सरकार और प्रशासन को जल्द उठाने होंगे कदम
इस पूरे प्रकरण में स्थानीय प्रशासन और नगर विकास विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। बिल्डर की मनमानी और सरकारी नियमों की अनदेखी की वजह से आम नागरिकों को तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। अब देखना यह है कि सरकार और प्रशासन इस मामले पर क्या कदम उठाते हैं और रामावैली के निवासियों को न्याय कब मिलेगा।


