Wednesday, March 4, 2026
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डॉ. सलीम राज के नेतृत्व में वक्फ बोर्ड की नई शुरुआत, अवैध कब्जों पर सख्ती, और मुस्लिम महिलाओं-बच्चों के उत्थान हेतु नई योजनाओं का शुभारंभ…

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने बिलासपुर में प्रेस वार्ता के दौरान वक्फ संपत्तियों को लेकर कई अहम घोषणाएं और चेतावनियां दी हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और अगले तीन महीनों के भीतर किराएदारों को नए एग्रीमेंट करने होंगे, अन्यथा बेदखली की कार्रवाई की जाएगी।

वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जा और कार्रवाई की तैयारी

डॉ. सलीम राज ने बताया कि छत्तीसगढ़ में वक्फ बोर्ड की करीब 5732 संपत्तियां हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 6000 करोड़ रुपये है। केवल बिलासपुर में ही वक्फ बोर्ड की 1400 संपत्तियां हैं, जिनमें से कई पर अवैध कब्जा है। वक्फ बोर्ड ने अब तक 431 से अधिक लोगों को नोटिस जारी कर दिए हैं और जल्द ही यह संख्या 300 और बढ़ाई जाएगी।

उन्होंने बताया कि पूरे देश में वक्फ संपत्तियों की संख्या लगभग 8.72 लाख है, जिनसे सालाना आय मात्र 163 करोड़ रुपये है, जबकि सच्चर कमेटी के अनुसार यह आय 12,000 करोड़ रुपये होनी चाहिए थी।

नए विकास, अस्पताल, हॉस्टल और शिक्षा सुविधाएं

वक्फ संपत्तियों के अधिकतम उपयोग और समाज के पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए वक्फ बोर्ड अब व्यावहारिक कदम उठा रहा है। डॉ. सलीम ने घोषणा की कि बिलासपुर में पीपीपी मॉडल पर 100 बिस्तरों वाला अस्पताल बनाया जाएगा। साथ ही, रायपुर में गर्ल्स और बॉयज हॉस्टल, एक मॉडर्न जिम और लाइब्रेरी का निर्माण आगामी छह महीनों में शुरू किया जाएगा। धमतरी में भी एक अस्पताल निर्माणाधीन है।

नए संशोधन बिल की विशेषताएं

डॉ. सलीम राज ने बताया कि वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 के तहत अब सभी वक्फ संपत्तियों का रिकॉर्ड सेंट्रल पोर्टल पर ऑनलाइन किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और अवैध बिक्री या नामांतरण पर रोक लगेगी। जेपीसी की सिफारिशों के अनुसार अब वक्फ बोर्ड की संरचना में महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ संपत्तियों को अब बाजार मूल्य पर लीज पर दिया जाएगा, जिससे प्राप्त आय से समाज के पसमांदा वर्ग के उत्थान के लिए काम किया जाएगा।

धार्मिक व सामाजिक मुद्दों पर बेबाक राय

धर्मांतरण के मुद्दे पर डॉ. सलीम ने कहा कि देश में धर्मांतरण की घटनाओं में ईसाई मिशनरियों की भूमिका प्रमुख है। “लव जिहाद” जैसे विषय पर उन्होंने स्पष्ट किया कि “लव” और “जिहाद” दोनों शब्दों के अर्थ बिल्कुल भिन्न हैं, और प्रेम में हिंसा की कोई जगह नहीं है।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “कांग्रेस मुसलमानों को बिरयानी में तेजपत्ते की तरह इस्तेमाल करती है – काम निकलने के बाद निकाल फेंकती है।”

मौलवियों और मुतवल्लियों के लिए भी चेतावनी

डॉ. सलीम ने यह भी कहा कि निकाह के दौरान कोई मौलाना यदि 1100 रुपये से अधिक की राशि लेता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि बिलासपुर की दो मस्जिदों के मुतवल्लियों के खिलाफ पहले से शिकायतें दर्ज हैं और कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

वक्फ बोर्ड का सारा ध्यान केवल एक ही बात पर केन्द्रित था कि पत्रकार वार्ता के दौरान वक्फ बोर्ड के सीईओ एस ए फारूकी, हज कमेटी के सदस्य सैय्यद मकबूल अली, भाजपा नेता राकेश तिवारी, संजय मुरारका, फैजान अली उर्फ सीबू सहित मुस्लिम समाज के तमाम जिम्मेदार और प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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