बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में मंगलवार सुबह एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जिसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। अरपा नदी के तट पर स्थित पचारी घाट के पास एक युवक की लाश संदिग्ध अवस्था में पड़ी मिलने से हड़कंप मच गया। शव को सबसे पहले वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने देखा और तुरंत सिटी कोतवाली पुलिस को इसकी सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। मृतक की पहचान राजेंद्र (निवासी – सीपत, वर्तमान पता – चिंगराजपारा, बिलासपुर) के रूप में की गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि राजेंद्र की गुमशुदगी की रिपोर्ट पहले ही सरकंडा थाना में दर्ज की जा चुकी थी। ऐसे में अब उसकी मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में युवक के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे मामला और भी संदिग्ध हो गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि युवक की मौत डूबने से हुई है, लेकिन शरीर पर चोट के निशान इस आशंका को भी जन्म दे रहे हैं कि यह मामला दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या हो सकता है।
राजेंद्र का शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है, और मौत के असली कारणों का खुलासा रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस ने हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी है। खासकर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि राजेंद्र आखिरी बार किसके साथ देखा गया था और किन परिस्थितियों में वह अरपा नदी किनारे पहुंचा।
घटना के बाद पचारी घाट क्षेत्र में भय और बेचैनी का माहौल है। आसपास के लोगों में असुरक्षा की भावना देखी जा रही है। वहीं, पुलिस की टीम आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने, मृतक के मोबाइल रिकॉर्ड और कॉल डिटेल्स की जांच में जुटी हुई है।
यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि शहर में युवाओं की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को लेकर गंभीरता से कदम उठाने की आवश्यकता है। पुलिस पर दबाव है कि वह इस घटना की तह तक पहुंचे और राजेंद्र की मौत की असल वजह का खुलासा जल्द से जल्द करे।


