बिलासपुर। दिनदहाड़े कट्टा अड़ाकर लूट का प्रयास करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह पर बिलासपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कुख्यात आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के कुशल मार्गदर्शन में एसीसीयू, साइबर सेल एवं थाना सरकंडा की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
घटना 19 दिसंबर 2025 की सुबह लगभग 7:15 बजे की है, जब जबड़ापारा निवासी लखन उर्फ निटी देवांगन अपने एक्टिवा वाहन से कंपनी गार्डन के पास स्थित अपनी समोसा दुकान जा रहे थे। आनंद डेयरी के पास मोटरसाइकिल में सवार तीन अज्ञात युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया। पीछे बैठे आरोपी ने कट्टा दिखाकर गले की सोने की चैन लूटने का प्रयास किया और गोली मारने की धमकी दी। प्रार्थी द्वारा विरोध करने और शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गए।
प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए थाना सरकंडा में अपराध क्रमांक 1758/25, धारा 309(5), 3(5) बी.एन.एस.एस. के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस टीम ने घटना स्थल और आसपास लगे करीब 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का गहन विश्लेषण किया, जिससे आरोपियों की गतिविधियों का पता चला।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की लोकेशन अनुपपुर रेलवे स्टेशन के पास मिलने पर पुलिस टीम ने दबिश देकर दिल्ली निवासी गगनदीप बंसल (42 वर्ष) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह पूर्व में हत्या के मामले में तिहाड़ जेल में सजा काट चुका है। जेल से छूटने के बाद उसने अपने साथी विजय लाम्बा, आमीर एवं शकील के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई थी।
आरोपी ने यह भी कबूल किया कि घटना को अंजाम देने के लिए तखतपुर से होंडा साइन और अंबिकापुर से टीवीएस स्पोर्ट्स मोटरसाइकिल चोरी की गई थी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर दोनों चोरी की मोटरसाइकिलें बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पास से बरामद कर ली हैं।
फिलहाल घटना में शामिल अन्य आरोपी विजय लाम्बा, आमीर एवं शकील फरार हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है। घटना में प्रयुक्त कट्टा फरार आरोपी विजय लाम्बा के पास होना बताया गया है।
इस सफल कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुज कुमार, नगर पुलिस अधीक्षक निमीतेश सिंह, निरीक्षक प्रदीप आर्य, उप निरीक्षक हेमंत आदित्य, सहित एसीसीयू, साइबर सेल एवं थाना सरकंडा के कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बिलासपुर पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से एक बार फिर यह सिद्ध हुआ है कि अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में सीसीटीवी कैमरे और तकनीकी जांच एक सशक्त माध्यम बन चुके हैं।


