Friday, February 6, 2026
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बिलासपुर प्रेस क्लब चुनाव निरस्तीकरण पर घमासान, पत्रकारों ने प्रशासनिक मनमानी के खिलाफ खोला मोर्चा, आंदोलन की चेतावनी…

बिलासपुर। बिलासपुर प्रेस क्लब के 19 सितंबर 2025 को विधिसम्मत, पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हुए चुनाव को एकतरफा ढंग से निरस्त किए जाने का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। बिना सुनवाई चुनाव रद्द करने की कार्रवाई से आहत प्रेस क्लब सदस्यों ने इसे प्रशासनिक मनमानी और प्राकृतिक न्याय के खुले उल्लंघन का मामला बताते हुए सहायक पंजीयक और रजिस्ट्रार के खिलाफ विजिलेंस अथवा स्वतंत्र उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। इस संबंध में कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मुख्य सचिव और लोकायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया।

प्रभावित पत्रकारों ने कलेक्टर संजय अग्रवाल को दिए ज्ञापन में बताया कि 19 सितंबर 2025 को बिलासपुर प्रेस क्लब का चुनाव सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए शांतिपूर्वक संपन्न हुआ था, जिसमें सदस्यों की व्यापक भागीदारी रही। निर्वाचित नई कार्यकारिणी ने विधिवत कार्यभार भी संभाल लिया था। इसके बावजूद करीब दो माह बाद 18 नवंबर 2025 को फर्म एवं संस्थाएं रायपुर की रजिस्ट्रार पद्मिनी भोई द्वारा अचानक चुनाव निरस्त कर दिया गया, जिससे पत्रकारों में भारी रोष है। उनका कहना है कि यह कदम लोकतांत्रिक जनादेश को कुचलने जैसा है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि रजिस्ट्रार ने पहले 18 नवंबर को चुनाव रद्द करने का आदेश पारित कर दिया, जबकि संबंधित पक्षों को नोटिस चार दिन बाद 24 नवंबर को जारी किया गया। यानी सुनवाई से पहले ही फैसला सुना दिया गया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के सर्वथा विपरीत है।

पत्रकारों का कहना है कि यदि प्रेस क्लब जैसी जागरूक और संगठित संस्था के साथ इस प्रकार की कार्रवाई हो सकती है, तो आम नागरिकों और छोटी समितियों के अधिकारों की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। इससे प्रशासनिक पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।

सहायक पंजीयक पर अधिकार क्षेत्र से बाहर कार्रवाई के आरोप

ज्ञापन में सहायक पंजीयक ज्ञान पी. साहू पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने धारा 32(ख) के तहत अधिकार क्षेत्र से बाहर आवेदन स्वीकार किया, एक-तिहाई सदस्यों के समर्थन व शपथ पत्र के बिना शिकायत पर संज्ञान लिया, कोरम विहीन आवेदन को वैध ठहराया और बिना वैध इलेक्शन पिटीशन के चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया। आरोप है कि उन्होंने नियम विरुद्ध तरीके से मामला रजिस्ट्रार को भेजा।

रजिस्ट्रार की भूमिका पर भी सवाल

प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्रार ने केवल पत्राचार के आधार पर चुनाव निरस्त कर दिया, शिकायत की सत्यता की जांच नहीं की और बिना ठोस साक्ष्य कठोर आदेश पारित कर निर्वाचित कार्यकारिणी को हटाया। पत्रकारों ने मांग की है कि पूरे मामले की विजिलेंस या स्वतंत्र उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों पर विभागीय व दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ज्ञापन सौंपे वालो में दिलीप यादव, (अध्यक्ष प्रेस क्लब 19 सितंबर 2025 को हुए चुनाव में) इरशाद अली, (पूर्व अध्यक्ष बिलासपुर प्रेस क्लब) संजीव पांडे, (अध्यक्ष प्रेस क्लब गृह निर्माण समिति) गोपी डे, (उपाध्यक्ष प्रेस क्लब 19 सितंबर 2025 को हुए चुनाव में) लोकेश वाघमारे,(कोषाध्यक्ष, 19 सितंबर 2025 को हुए चुनाव में) रमेश राजपूत (सहसचिव 19 सितंबर 2025 को हुए चुनाव में) पूर्व अध्यक्ष कमलेश शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार महेश तिवारी, अखलाख खान, रवि शुक्ला, श्याम पाठक, जितेंद्र थवाईत, पंकज गुप्ते, मनीष शर्मा, जेपी अग्रवाल, दिब्येंदु सरकार, अमित संतवानी, अनुज श्रीवास्तव, उत्पल सेन गुप्ता, राकेश प्रताप सिंह, गोविंद शर्मा, सतीश मिश्रा, भुवनेश्वर बंजारे, विकास तिवारी, रोशन वैद्य, घनश्याम गंधर्व, प्रांशु क्षत्रिय, उदय सिंह, निशांत तिवारी आदि शामिल थे।

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