बिलासपुर। मानसून अभी दस्तक भी नहीं दे पाया है, लेकिन घुरू अमेरी स्थित प्रतमेश विहार कॉलोनी के रहवासियों की चिंता अभी से बढ़ गई है। हर साल बारिश के दिनों में बाढ़ और जलभराव का दंश झेलने वाले लोगों ने इस बार प्रशासन को समय रहते चेतावनी देते हुए गोखने नाले के गहरीकरण और चौड़ीकरण की मांग उठाई है। कॉलोनीवासियों ने कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर साफ कहा है कि यदि मानसून से पहले स्थायी समाधान नहीं हुआ तो इस बार हालात और भयावह हो सकते हैं।
रहवासियों के मुताबिक कॉलोनी के पीछे बहने वाला गोखने नाला अब इतना संकरा और अव्यवस्थित हो चुका है कि तेज बारिश के दौरान पानी की निकासी रुक जाती है। नाले के किनारे उगे पेड़, झाड़ियां और जमा मलबा पानी के बहाव को बाधित करते हैं, जिसके चलते पूरा इलाका कुछ ही घंटों में जलमग्न हो जाता है। स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि नाले का गंदा पानी घरों के भीतर 3 से 4 फीट तक भर जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बाढ़ जैसी स्थिति बनने से परिवारों को कई दिनों तक नारकीय हालात में रहना पड़ता है। घरों का सामान खराब हो जाता है, दीवारें कमजोर पड़ने लगती हैं और बच्चों-बुजुर्गों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बन जाती है। गंदे पानी के साथ सांप, बिच्छू और जहरीले जीव घरों में घुस आते हैं, जिससे हर वक्त किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है।
रहवासियों ने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से यह समस्या लगातार बनी हुई है, लेकिन स्थायी समाधान के नाम पर केवल आश्वासन ही मिले हैं। बीते साल आई भीषण बाढ़ का जिक्र करते हुए लोगों ने बताया कि हालात इतने खराब हो गए थे कि कई परिवारों को एसडीआरएफ की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा था। कई दिनों तक बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं ठप रहीं और पूरा इलाका मानो आपदा क्षेत्र में तब्दील हो गया था।
कॉलोनीवासियों की मांग है कि लगभग 200 मीटर क्षेत्र में नाले का तत्काल गहरीकरण और चौड़ीकरण कराया जाए, ताकि बारिश का पानी तेजी से निकल सके और कॉलोनी को हर साल आने वाली इस आफत से राहत मिल सके। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में बड़ा नुकसान हो सकता है।
वार्ड क्रमांक 4 के पार्षद सहित बड़ी संख्या में नागरिकों ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन बारिश से पहले इस चेतावनी को गंभीरता से लेता है या फिर प्रतमेश विहार के लोग एक बार फिर पानी में डूबने को मजबूर होंगे।


