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खाद संकट पर कांग्रेस का हल्ला बोल: सैकड़ों किसानों के साथ कलेक्टर तक पहुंचे विजय केशरवानी, गनियारी पहुंच का सौंपा ज्ञापन, बोले -खाद नहीं मिली तो चौपट हो जाएगी खरीफ खेती…

बिलासपुर। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही खाद और बीज की कमी को लेकर किसानों की बढ़ती परेशानी अब राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र सहित जिलेभर में खाद संकट, सहकारी समितियों में खाली पड़े गोदामों और कालाबाजारी की शिकायतों को लेकर कांग्रेस नेताओं ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं बेलतरा विधानसभा के पूर्व विधायक प्रत्याशी विजय केशरवानी के नेतृत्व में सैकड़ों किसान, कार्यकर्ता और ग्रामीण सोमवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। वहां जानकारी मिली कि कलेक्टर का जनसमस्या निवारण शिविर गनियारी में आयोजित है। इसके बाद विजय केशरवानी अपने समर्थकों और किसानों के साथ सीधे गनियारी शिविर पहुंचे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर खाद संकट पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि बेलतरा विधानसभा क्षेत्र की अधिकांश सहकारी समितियों में डीएपी, यूरिया, पोटाश और अन्य आवश्यक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण नहीं है। किसान घंटों कतार में खड़े रहने के बावजूद खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। कई समितियों में मांग के अनुरूप खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जिससे खरीफ फसलों की बोनी और रोपाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि सहकारी समितियों में खाद की कमी का फायदा उठाकर कुछ निजी विक्रेता और बिचौलिए किसानों से मनमाने दाम वसूल रहे हैं। किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर खाद खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ स्थानों पर कृत्रिम अभाव पैदा कर कालाबाजारी को बढ़ावा दिया जा रहा है।

विजय केशरवानी ने कहा कि कृषि प्रधान क्षेत्र में अन्नदाताओं को खाद और बीज जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए भटकना पड़े, यह प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है। यदि समय रहते पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं कराई गई तो इसका सीधा असर खरीफ उत्पादन, किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस नेताओं ने जिले की सभी सहकारी समितियों में पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने, अतिरिक्त स्टॉक भेजने, कालाबाजारी और जमाखोरी पर विशेष अभियान चलाने, निगरानी टीम गठित करने, टोकन व्यवस्था लागू करने, नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन शुरू करने सहित 10 प्रमुख मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं।

इस दौरान प्रभंजन बैसवाडे (बंटी), धनंजय सिंह ठाकुर, हितेश देवांगन, शीतल दास महंत, अनिल यादव और झगरराम सूर्यवंशी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और किसान मौजूद रहे।

खाद संकट को लेकर कांग्रेस की यह लामबंदी आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन का रूप ले सकती है। अब किसानों की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि उन्हें समय पर खाद और बीज मिल पाता है या नहीं।

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