स्वास्थ्य

10 लक्षण, जो बताते हैं आपको डायबिटीज है, जानिए खत्म करने के चमत्कारी घरेलू उपाय

10 लक्षण, जो बताते हैं आपको डायबिटीज है, जानिए खत्म करने के चमत्कारी घरेलू उपाय

पैरों में ठंड, गर्मी और चुभन का असर न होन कोई सामान्य लक्षण नहीं है। यह डायबिटीज का इशारा हो सकते हैं। अनकंट्रोल और लंबे समय तक डायबिटीज होने से डायबिटिक फुट होने की संभावना रहती है। लापरवाही बरतने पर रोगियों का पैर तक काटना पड़ता है। कई मामलों में मौत भी हो जाती है। डायबिटिक फुट पैरों में होने वाले जख्म होते हैं और यह अकसर गंभीर डायबिटीज की वजह से होता है। आमतौर पर ऐसे जख्म पांव के निचले हिस्से के प्रेशर प्वाइंट के नीचे और पैरों की उंगलियों पर होते हैं। इनके पैरों की संवेदना खत्म हो जाती है। इन्हें न तो गर्मी, न सर्दी और न ही जख्म का पता चलता है।

क्या होता है डायबिटिक फुट

डायबिटीज के पेशेंट में न्यूरापैथी होता है। इससे पैरों की संवेदना पूरी तरह से खत्म हो जाती है। यानी मरीज के पैर के नीचे कोई भी चीज आए तो उसे उसका पता नहीं चलता। फैट की वजह से नसें सिकुड़ जाती हैं और ब्रेन को आक्सीजन और ब्लड सप्लाई नहीं हो पाती। इस वजह से ठंड, गर्मी और चुभन का असर नहीं होता है। इससे जख्म बढ़ता चला जाता है।

क्यों होता है डायबिटिक फुट

लंबे समय तक डायबिटीज का होना। डायबिटीज को कंट्रोल न कर पाना। पैरों पर चोट लगने से। ज्यादा सिगरेट पीने से। डायबिटीज पेशेंट के नंगे पैर चलने से।

क्या होता है इलाज

पैरों के इंफेक्शन को कंट्रोल करना होता है। खून पतला करने के लिए दवाएं दी जाती हैं। पैरों पर आफ लोडिंग की जाती, ताकि पैर का वजन जख्म पर न पड़े। ज्यादा इंफेक्शन पर सर्जरी की जाती है।

कैसे बच सकते हैं

डायबिटिक मरीज को अपने पैरों का ख्याल रखना चाहिए। तंग व नुकीले जूते पहनने के बजाय नंगे पाव से चलना चाहिए। मरीजों को शाम को जूते खरीदने चाहिए, शाम को पैर का उचित साइज आता है। डायबिटीज पेशेंट को नंगे पाव चलने से बचना चाहिए। गर्मी या ठंड के सीधे संपर्क में आने से बचना चाहिए। पेशेंट को नियमित रूप से जांच करानी चाहिए। कोशिश करें कि सफेद मोजा पहनें, इससे पैर से निकले खून का पता चल जाएगा। किसी भी प्रकार का संदेह होने पर कलर डॉपलर जांच की जानी चाहिए। जूते पहनने से पहले उन्हें अच्छी तरह से झाड़ना चाहिए।डायबिटीज के मरीजों को अपने चेहरे की तरह पैरों का भी ख्याल रखना होगा। रोजाना पैरों को चेक करें। नंगे पैर बिल्कुल न चलें और डायबिटिज को कंट्रोल में रखे। जख्म होने पर तुरंत डाक्टर को दिखाएं।

डायबिटीज होने के लक्षण

बार बार पेशाब आना। बहुत ज्यादा प्यास लगना। भूख बढ़ जाना। वजन घटना। थकावट होना। किसी काम में मन न लगना और एकाग्रता की कमी होना। हाथ या पांव सुन्न पड़ना या अकड़ जाना। धुंधला दिखाई देना। बार-बार इंफेक्शन होना। घावों का देरी से ठीक होना। उल्टी और पेट में दर्द होना। अक्सर शरीर के कई हिस्सों में त्वचा का रंग बदल सा जाता है। गर्दन के पीछे, कोहनियों में, हाथ-पैर के जोड़ो पर त्वचा अगर नीले रंग की पड़ने लगे तो ये डायबिटीज का शुरुआती लक्षण है। अगर आप सोते समय बहुत तेज खर्राटे लेने लगे हैं और दिन में सुस्ती से महसूस होती है तो तुरंत ही खून में शुगर लेवल का चेक कराएं।

कई बार आंखों पर लगे चश्मे का पावर अचानक से घट या बढ़ जाता है। अचानक से बिना चश्में के साफ दिखाई देने लगता है तो ये एक अच्छा संकेत नही है। ये भी डॉयबटीज के शुरुआती लक्षणों में से एक है। त्वचा पर बहुत तेज खुजली हो जाती है जिसे आप सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। अचानक से सुनने में तकलीफ होने लगती है। अगर ऐसा कुछ हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह पर बल्ड टेस्ट करवाएं।