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चाकू की नोक पर अपहरण, गांजा केस में फंसाने की धमकी देकर मांगी 50 हजार की फिरौती, पुलिस ने दबोचा आरोपी…

बिलासपुर। रतनपुर क्षेत्र में एक युवक के अपहरण कर उसे झूठे गांजा प्रकरण में फंसाने की धमकी देकर 50 हजार रुपये की फिरौती मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामले में रतनपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी और एक नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार, भेलवापारा कलमीटार निवासी घनश्याम पाटले ने 24 जून को थाना रतनपुर में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि वह अपने घर के आंगन में मौजूद था, तभी रतनपुर निवासी इशान सारथी, सोम रजक, निखिल रजक उर्फ एलियन और उनके अन्य साथी वहां पहुंचे। आरोपियों ने बातचीत के बहाने उसे घर से बाहर बुलाया और गले पर धारदार चाकू अड़ाकर जबरन मोटरसाइकिल में बैठाकर कोरबाभांवर जंगल की ओर ले गए।

जंगल में आरोपियों ने युवक के सामने कागज पर गांजा फैलाकर उसकी तस्वीरें खींचीं और फिर उसे धमकाते हुए कहा कि वह अपने घर फोन कर बताए कि पुलिस ने उसे गांजा के मामले में पकड़ लिया है। आरोपियों ने कथित रूप से केस को रफा-दफा कराने के नाम पर उसके परिवार से 50 हजार रुपये मंगवाने की योजना बनाई।

डरे-सहमे युवक ने अपनी मां को फोन कर आरोपियों के कहे अनुसार 50 हजार रुपये लाने के लिए कहा। परिवार ने रकम देने की सहमति तो जताई, लेकिन पूरे घटनाक्रम पर संदेह होने के कारण पुलिस को इसकी सूचना भी दे दी। आरोपियों ने पहले महामाया मंदिर बाईपास स्थित बादल महल के पास और बाद में हेलीपेड क्षेत्र में पैसे लेकर पहुंचने के निर्देश दिए।

पुलिस ने रणनीति बनाकर परिजनों के साथ निगरानी शुरू की। जैसे ही आरोपी पैसे लेने पहुंचे, उन्होंने पुलिस को देख लिया और भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने पीछा कर इशान सारथी और एक नाबालिग को पकड़ लिया, जबकि सोम रजक, यश और अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए।

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने युवक का अपहरण कर जान से मारने की धमकी दी और फिरौती की मांग की थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक विष्णु यादव, सहायक उपनिरीक्षक नीलाकर सेठ, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक मनोज एक्का, आरक्षक पवन ठाकुर तथा लेखपाल खुसरो की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि आपराधिक तत्व किस तरह युवाओं को डराकर और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर अवैध वसूली की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि रतनपुर पुलिस की तत्परता से एक बड़ी वारदात को समय रहते विफल कर दिया गया।

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