बेमेतरा। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बेमेतरा जिले के थान खम्हरिया थाना में बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए प्रधान आरक्षक अजय लहरे को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। थाने के भीतर हुई इस कार्रवाई ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, ACB को शिकायत मिली थी कि एक मामले में राहत देने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत का सत्यापन करने के बाद ACB ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही प्रधान आरक्षक ने 15 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने मौके पर ही उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और रिश्वतखोरी से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक, ACB यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में कोई अन्य पुलिस अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल था या नहीं। यदि जांच में किसी और की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि बेमेतरा पुलिस विभाग में ACB की यह पहली बड़ी ट्रैप कार्रवाई बताई जा रही है। थाने के भीतर हुई इस गिरफ्तारी ने पूरे जिले के पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया है।
गौरतलब है कि साजा विधानसभा क्षेत्र में यह ACB की दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले इसी क्षेत्र में एक पटवारी को भी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। लगातार हो रही ऐसी कार्रवाइयों से यह साफ संकेत मिल रहा है कि भ्रष्टाचार के मामलों में अब निगरानी एजेंसियां पहले से अधिक सक्रिय हैं।
फिलहाल ACB की टीम आरोपी प्रधान आरक्षक से पूछताछ कर रही है और मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


