Wednesday, January 14, 2026
Homeक्राइमबिलासपुर साइबर पुलिस की बड़ी सफलता: फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर ठगी...

बिलासपुर साइबर पुलिस की बड़ी सफलता: फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर ठगी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार…

बिलासपुर। बिलासपुर रेंज की साइबर पुलिस ने साइबर ठगी के एक महत्वपूर्ण मामले में सफलता हासिल की है। साइबर ठगी के मामले में फेसबुक के माध्यम से धोखाधड़ी करने वाले तीन शातिर अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस महानिरीक्षक ध्रुव गुप्ता और पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में किया गया।

आरोपियों ने फेसबुक पर एक लड़की की फर्जी आईडी बनाई, जिसके जरिए वे लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते थे। जब लोग उनकी फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार कर लेते, तो आरोपी “Magic Women” जैसे एप्लिकेशन का इस्तेमाल करके लड़की की आवाज में उनसे बातचीत करने लगते। इस प्रकार, वे लोगों को अपने जाल में फंसाते और उनसे पैसे ठगते थे। इस ठगी में उन्होंने फर्जी सिम कार्ड और दूसरों के बैंक खातों का भी इस्तेमाल किया।

इस केस में मुख्य पीड़ित, मुरली पटेल, जो बिलासपुर के तोरवा थाना क्षेत्र के निवासी हैं, को आरोपियों ने फेसबुक के माध्यम से फर्जी प्रोफाइल से दोस्ती कर ठगा। पीड़ित को रायगढ़ बुलाकर नाबालिग लड़की से मिलवाया और उसके साथ विश्वास स्थापित किया। इसके बाद उन्होंने पीड़ित से विभिन्न तरीकों से कुल 20,29,199 रुपये की ठगी की।

रेंज साइबर थाना बिलासपुर एवं एसीसीयू की तत्परता से यह मामला मात्र 72 घंटे में सुलझाया गया। पुलिस ने पीड़ित को आत्महत्या करने के झूठे आरोप में फंसाने और पुलिस कार्यवाही कराने की धमकी देकर आरोपियों द्वारा नगद और ऑनलाइन ठगी की घटना को अंजाम देने की पुष्टि की।

पुलिस ने इस मामले में 2,60,000 रुपये नगद बरामद किए हैं। इसके अलावा, ठगी की राशि से खरीदे गए मोबाइल फोन, एसी, वाशिंग मशीन, सोने की अंगूठी, चांदी की चेन और ब्रेसलेट जैसे सामानों की कुल कीमत 4,65,400 रुपये बताई गई है।

गिरफ्तार किए गए आरोपी

इस पूरे मामले में तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार हुए हैं:
1. प्रितम महंत (26 वर्ष) – निवासी जकेला, थाना जूटमीट, जिला रायगढ़।
2. कामेष साव (24 वर्ष) – निवासी रामनगर, कोडातराई, थाना जूटमीट, जिला रायगढ़।
3. हेमसागर पटेल उर्फ डिकेष (22 वर्ष) – निवासी जकेला, थाना पुसौर, जिला रायगढ़।

आरोपियों ने इस ठगी को अंजाम देने के लिए कई बैंक खातों और तकनीकी साधनों का इस्तेमाल किया। पुलिस ने तकनीकी जांच और बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया।

पुलिस टीम का योगदान

इस पूरी कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र जायसवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुज कुमार गुप्ता, सीएसपी कोतवाली अक्षय साबद्रा के निर्देशन में निरीक्षक राजेश मिश्रा, उप निरीक्षक अजय वारे, स.उ.नि. सुरेश पाठक, प्रधान आरक्षक विक्कू सिंह ठाकूर और आरक्षक दीपक कौशिक एवं चिरंजीव कुमार ने अहम भूमिका निभाई।

बिलासपुर रेंज साइबर पुलिस की यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि साइबर अपराध के खिलाफ उनके द्वारा उठाए गए कदम कितने प्रभावी हैं। इस प्रकार के अपराधों से निपटने के लिए पुलिस की तत्परता और तकनीकी कौशल ने इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस का यह कदम भविष्य में साइबर अपराधियों के खिलाफ एक मजबूत संदेश है कि वे चाहे जितने भी शातिर हों, कानून के लंबे हाथ उन्हें पकड़ने में सक्षम हैं।

spot_img

advertisement

spot_img
RELATED ARTICLES

Recent posts

error: Content is protected !!
Latest
Verified by MonsterInsights