छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में बड़ा हादसा: मुंगेली जिले के कुसुम प्लांट में चिमनी गिरने से 8 मजदूरों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी…

मुंगेली: छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के रामबोड़ गांव में गुरुवार शाम एक बड़ा हादसा हुआ। निर्माणाधीन कुसुम प्लांट की चिमनी गिरने से कम से कम 8 मजदूरों की मौत आशंका है, जबकि 25 से अधिक मजदूर मलबे में दब गए। यह हादसा बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे रामबोड़ गांव में स्थित लोहे की पाइप बनाने वाले इस प्लांट में हुआ।

कुसुम प्लांट, जिसे स्पंज आयरन फैक्ट्री के नाम से भी जाना जाता है, अभी निर्माणाधीन थी। गुरुवार को प्लांट में काम चल रहा था कि अचानक भारी सैलो (सामान भंडारण टैंक) और चिमनी गिर पड़ी। यह चिमनी वहां काम कर रहे मजदूरों पर गिर गई, जिससे 30 से अधिक लोग इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद प्लांट में चीख-पुकार मच गई।

घटना की सूचना मिलते ही सरगांव थाना पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। फायर ब्रिगेड, जेसीबी और बड़ी क्रेन की मदद से मलबे को हटाने का प्रयास किया जा रहा है। मौके पर जिले के आला अधिकारी, मेडिकल टीम, और अन्य राहतकर्मी मौजूद हैं।

अब तक दो मजदूरों को मलबे से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। वहीं, 8 मजदूरों की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी से पता चला है कि आठ की मौत हो गई है और कई अन्य की हालत मलबे में फंसे होने के कारण अनिश्चित है।

इस दुर्घटना ने निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कुसुम प्लांट अभी निर्माणाधीन था, लेकिन चिमनी का गिरना निर्माण सामग्री और कार्य प्रणाली की गुणवत्ता पर सवाल उठाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचने के लिए सख्त नियमों का पालन और नियमित निरीक्षण आवश्यक है।

मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन को प्राथमिकता दी जा रही है। घटना के कारणों की जांच की जा रही है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद स्थानीय लोग गुस्से में हैं। उनका कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई। कई मजदूरों के परिवार वालों ने भी आरोप लगाए हैं कि प्लांट प्रबंधन ने मजदूरों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया।

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