
बिलासपुर। शहर के तालापारा स्थित तैय्यबा चौक से अचानक लापता हुई 10 वर्षीय छात्रा लॉरेन परवीन आखिरकार सकुशल मिल गई। दोपहर में घर से बिना किसी को बताए निकली सातवीं कक्षा की छात्रा को परिजनों और मोहल्ले के लोगों ने बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते हुए खोज निकाला। बच्ची के मिलने की खबर से जहां परिवार ने राहत की सांस ली, वहीं इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और उनकी गतिविधियों पर निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के तालापारा स्थित तैय्यबा चौक के पास का है। जानकारी के मुताबिक, 15 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब डेढ़ बजे लॉरेन परवीन अचानक घर से निकल गई। काफी देर तक जब बच्ची वापस नहीं लौटी, तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। पहले आसपास के इलाकों में उसकी तलाश की गई। रिश्तेदारों और परिचितों से भी पूछताछ की गई, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली तो परिवार सिविल लाइन थाने पहुंचा और बच्ची के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, छात्रा अपनी बुआ के साथ रायपुर जाने की जिद कर रही थी। घरवालों ने जब उसे जाने की अनुमति नहीं दी, तो वह कथित तौर पर अकेले ही रायपुर जाने के इरादे से निकल गई। बताया जा रहा है कि बच्ची बस स्टैंड से ऑटो में बैठी, लेकिन ऑटो सरगांव की ओर जा रहा था। वहां उतरने के बाद वह बस से बिलासपुर पहुंची। इसके बाद घर लौटने के बजाय वह सीधे बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंच गई और रायपुर जाने वाली ट्रेन का इंतजार करने लगी।
इधर, बच्ची के अचानक गायब होने से परिवार के लोग लगातार उसकी तलाश में जुटे हुए थे। इसी दौरान परिजनों और मोहल्ले के लोगों को बच्ची बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर मिल गई। गनीमत रही कि परिवार की तलाश समय रहते रंग लाई और छात्रा को ट्रेन से रायपुर रवाना होने से पहले ही खोज लिया गया।
काफी देर तक बच्ची का कोई सुराग नहीं मिलने से परिजन परेशान थे। ऐसे में रेलवे स्टेशन पर उसके मिल जाने से परिवार की चिंता दूर हुई। हालांकि, इस घटना ने यह जरूर दिखा दिया कि बच्चों की एक छोटी-सी जिद और बिना बताए घर से निकलने की घटना किस तरह उन्हें अनजान परिस्थितियों में पहुंचा सकती है।
बच्चों की सुरक्षा के लिए सतर्कता जरूरी
बच्चों का घर से बिना बताए निकल जाना कई बार गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। अनजान रास्तों, सार्वजनिक परिवहन और रेलवे स्टेशन जैसे स्थानों पर बच्चों के भटकने या किसी अनहोनी का खतरा बना रहता है। ऐसे में जरूरी है कि अभिभावक बच्चों से संवाद बनाए रखें, उनकी बातों और भावनाओं को समझें तथा उन्हें बिना बताए कहीं भी जाने के संभावित खतरों के बारे में समझाएं।
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम में सबसे राहत की बात यही रही कि तालापारा से लापता हुई 10 वर्षीय लॉरेन परवीन सकुशल मिल गई और परिवार को उसकी सुरक्षित वापसी नसीब हुई।

