बिलासपुर। सिविल लाइन पुलिस ने नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर कड़ा प्रहार करते हुए सरोज श्रीवास नामक तस्कर की डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्ति सीज कर दी है। इस कार्रवाई को साफेमा (SAFEMA) कोर्ट ने वैध ठहराते हुए जब्ती को मंजूरी दी है। कोर्ट के इस फैसले ने यह साफ कर दिया है कि सरोज श्रीवास की यह संपत्ति नशीली दवाओं की तस्करी से अवैध रूप से अर्जित की गई थी।
पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई को अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। यह सिर्फ एक तस्कर के खिलाफ कार्रवाई नहीं, बल्कि पूरे नशा कारोबार के नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक मजबूत संदेश है।
सिविल लाइन पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, सरोज श्रीवास सहित कुल 5 मामलों में अब तक 15 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। इन कार्रवाइयों में करीब 6 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियों को जब्त किया गया है। इनमें नकद राशि, बैंक खाते, जमीन-जायदाद, वाहनों और अन्य चल-अचल परिसंपत्तियां शामिल हैं।
इस कार्रवाई ने न सिर्फ नशे के अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा दिया है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि प्रशासन अवैध कमाई और संगठित अपराध के खिलाफ अब और ज्यादा कठोर रुख अपना रहा है। नशीली दवाओं से जुड़ा कारोबार समाज की जड़ें खोखली कर रहा है, और इस पर लगाम कसने के लिए यह सख्त रवैया समय की मांग है।
पुलिस की ओर से सख्त निगरानी
सिविल लाइन थाना प्रभारी के अनुसार, पुलिस अब नशीली दवाओं से जुड़े अपराधों की केवल सतही जांच नहीं कर रही, बल्कि आरोपी के आर्थिक नेटवर्क, संपत्ति के स्रोत और अन्य संबंधित पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। इसका मकसद है कि ऐसे अपराधी सिर्फ जेल ही नहीं जाएं, बल्कि उनकी अवैध संपत्तियां भी जब्त कर उन्हें आर्थिक रूप से पूरी तरह कमजोर किया जाए।


