बिलासपुर। ग्रामीण इलाकों में लगातार बढ़ रही पशु चोरी की घटनाओं के बीच रतनपुर पुलिस और साइबर सेल बिलासपुर ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए बकरा-बकरी चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। संयुक्त कार्रवाई में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी के पशुओं की बिक्री से मिले 1.50 लाख रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई महिंद्रा स्कॉर्पियो जब्त की है।
मामला रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम चकराभाठा का है, जहां 20 जून की सुबह पशुपालक समन सिंह पैकरा ने देखा कि उनके बकरी कोठा की ईंट की दीवार तोड़कर 4 बकरे और 15 बकरियां, कुल 19 पशु चोरी कर लिए गए हैं। घटना की शिकायत मिलते ही रतनपुर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान साइबर सेल और रतनपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।
आरोपियों ने बताया कि वे खेत समतलीकरण का काम करने के बहाने गांव-गांव स्कॉर्पियो वाहन से घूमते थे। इसी दौरान जिन घरों में बड़ी संख्या में बकरा-बकरी दिखाई देते, उनकी रेकी कर लेते थे और रात के अंधेरे में मौका पाकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि चकराभाठा से चोरी किए गए 19 बकरा-बकरी को आरोपियों ने 1.75 लाख रुपये में बेच दिया था। इस रकम में से 25 हजार रुपये खर्च कर दिए गए थे, जबकि शेष 1.50 लाख रुपये पुलिस ने बरामद कर लिए। घटना में प्रयुक्त महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त कर लिया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में बबलू खान, अमूर खान, अमीन खान, हबीम खान, शाहरूख खान (सभी निवासी उमरिया, थाना गोरा बाजार, जिला जबलपुर, मध्यप्रदेश) तथा मोहम्मद अछछन (निवासी अमरोहा, उत्तर प्रदेश) शामिल हैं। सभी आरोपी वर्तमान में रतनपुर क्षेत्र में रहकर काम कर रहे थे। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक विष्णु यादव के नेतृत्व में रतनपुर पुलिस और साइबर सेल बिलासपुर की टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि यह गिरोह बिलासपुर और आसपास के अन्य क्षेत्रों में हुई पशु चोरी की घटनाओं में भी शामिल रहा है या नहीं।
रतनपुर पुलिस की इस कार्रवाई को ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय पशु चोरों के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और चोरी के पशुओं के खरीदारों की भी तलाश की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।


