बिलासपुर। सकरी थाना क्षेत्र में मोबाइल खोने के विवाद ने ऐसा खौफनाक मोड़ ले लिया कि आधा दर्जन युवकों ने एक ढाबा संचालक और उसके कर्मचारियों को कथित तौर पर पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाने की कोशिश कर दी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। सकरी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त बटनदार चाकू सहित अन्य सामान जब्त कर लिया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, भूंडा निवासी इस्माइल खान उर्फ सोनू सकरी क्षेत्र में ढाबा संचालित करते हैं। 13 जुलाई की रात संकेत कुमार जायसवाल अपने साथियों के साथ ढाबे पर खाना खाने आया था। अगले दिन वह अपने दोस्तों के साथ फिर पहुंचा और दावा किया कि उसका मोबाइल ढाबे में छूट गया है। मोबाइल तलाशने के लिए उसने ढाबे के सीसीटीवी फुटेज देखने की मांग की। ढाबा संचालक ने अपना मोबाइल देकर फुटेज देखने की अनुमति दी।
करीब 45 मिनट तक फुटेज देखने के बाद भी मोबाइल दिखाई नहीं देने पर आरोपी पक्ष भड़क गया। आरोप है कि आर्यन दुबे ने ढाबे के मिस्त्री विनोद कुमार टोंडे के साथ मारपीट शुरू कर दी। कर्मचारियों के बीच-बचाव के बाद मामला शांत तो हो गया, लेकिन यहीं से दोनों पक्षों के बीच रंजिश शुरू हो गई।
पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई की सुबह करीब 10:20 बजे संकेत कुमार जायसवाल, आर्यन दुबे और उनके चार अन्य साथी दोबारा ढाबे पर पहुंचे। आरोप है कि सभी ने मिलकर ढाबा संचालक और कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इतना ही नहीं, आरोपियों ने कथित तौर पर ढाबे और संचालक पर पेट्रोल छिड़ककर लाइटर से आग लगाने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने बटनदार चाकू और अन्य हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी भी दी।
घटना की सूचना मिलते ही सकरी पुलिस ने अपराध क्रमांक 661/2026 दर्ज कर तत्काल जांच शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस टीम ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बटनदार चाकू, घटना में प्रयुक्त अन्य सामान और सीसीटीवी फुटेज जब्त किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में संकेत कुमार जायसवाल उर्फ छोटू, राजवीर बाबरा, लारेन फ्रांसिस, राहुल गहरवरिया, आर्यन दुबे उर्फ तुषार और राहुल श्रीवास्तव शामिल हैं। सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
सकरी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी वारदात टल गई। पुलिस अब मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है, साथ ही घटना के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विवेचना जारी है।


