Thursday, March 5, 2026
Homeदेशबड़ी सफलता/कोविड-19: होम्योपैथी की मदद से कोरोना वाइरस के मरीज हो रहे...

बड़ी सफलता/कोविड-19: होम्योपैथी की मदद से कोरोना वाइरस के मरीज हो रहे है ठीक, महीने में सिर्फ 6 दिन की है दवा…

कोरोना वैश्विक महामारी से निपटने के लिए पूरी दुनिया वैक्सीन तैयार करने में जुटी हुई है। भारत भी उनमें शामिल एक देश है, लेकिन इसके साथ ही अब भारत में होम्योपैथी का भी इस लड़ाई में इस्तेमाल किया जा रहा है। होम्योपैथी की मदद से लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता पैदा करने के साथ ही साथ इसे मजबूत भी किया जा रहा है, जिससे ना केवल कोरोना पॉजिटिव मरीजों को ठीक किया जा रहा है बल्कि नए मामले भी कम सामने आ रहे हैं। डॉ जवाहर शाह पिछले 40 वर्षों से भी ज्यादा वक्त से मुंबई में होम्योपैथी की प्रैक्टिस कर रहे हैं। डॉ शाह ने दुनिया भर में फैले करीब 100 होम्योपैथी डॉक्टर्स के साथ मिलकर एक खास सेट ऑफ मेडिसिन या दवा (CK1 और CK2) डेवेलप की है।

ये दवा मानव शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने का काम करती है जिससे कोई बीमारी आपके आसपास नहीं आ सकती। दवा की ये पूरी किट 22000 पुलिस वालों को, 4000 फायर ब्रिगेड के मेंबर्स को, धारावी में रहने वाले 2000 लोगों को मिलाते हुए अभी तक कुल 1 लाख से ज्यादा लोगों को दी जा चुकी है। ये दवा psycho neuro endocrine पर असर करती है, इस दवा को आयुष मंत्रालय द्वारा दिए गए इंस्ट्रक्शन के आधार पर ही डेवलप किया गया है। आयुष मंत्रालय द्वारा प्रमाणित आर्सेनिक एलगम और कैम्फर M1 इस दवा में शामिल किया गया है, जिसकी डिमांड आजकल विदेशों में भी बनी हुई है।

http://tazakhabar36garh.com/nation/country-world-shocked-down-roads-scared-markets-after-all-how-will-the-world-after-lockdown/

इस दवा की सबसे खास बात ये है कि इसे महीने में सिर्फ एक बार ही लेनी है, जिसका कोर्स 6 दिन का है। पहले CK1 दवा को लगातार तीन दिन लेनी है, इसे दिन में तीन बार लेनी है। इसके बाद CK2 का इस्तेमाल भी लगातार तीन दिन करना है, इसे भी दिन में तीन बार ही लेनी है। इस तरह एक महीने में इस दवा का कोर्स 6 दिनों का है। डॉ शाह का दावा तो ये भी है कि अब जबकि बड़ी संख्या में migrants एक जगह से निकल कर दूसरी जगह जा रहे हैं, तब उन्हें भी ये दवा दे दी जाए। इससे कोरोना वायरस का इन लोगों से फैलने का खतरा बेहद कम हो जाता है, इस दवा का खर्च भी 15 से 20 रुपये से ज्यादा नहीं आता है।

डॉ शाह के मुताबिक भारत में ऐसे लोगों की संख्या बहुत है जिनमें किसी भी तरह का कोई लक्षण नजर नहीं आता, लेकिन वे कोरोना पॉजिटिव होते हैं, इसके साथ ही कोरोना वायरस से मौत का आंकड़ा भी बेहद कम है। इसीलिए ऐसे में लोगो के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में इस होमियोपैथी दवा का बहुत बड़ा रोल होगा। राज्य के स्वास्थमंत्री राजेश टोपे बताते हैं कि आयुष मंत्रालय के आदेश पर ही हम आयुर्वेद और होमियोपैथी से जुड़े डॉक्टर्स की सेवाएं ले रहे हैं, जिसके लिए हमने ऐसे करीब 10 डॉक्टर्स की एक टास्क फोर्स भी बनाई है। हमें ये भी पता चला है कि होमियोपैथी से हमे बढ़िया रिजल्ट्स मिल रहे है। डॉ शाह उस टास्क फोर्स के भी मेंबर हैं, जिसे महाराष्ट्र सरकार ने कोरोनो वायरस से लड़ने के लिए आयुर्वेदिक और होमियोपैथी डॉक्टर्स की टीम के साथ बनाया है।

ये टास्क फोर्स का काम है कि जिन लोगों को लक्षण नहीं है, लेकिन वे कोरोना पॉजिटिव हैं, उन्हें कॉल पर ही हर डेली कंसल्टेंसी देनी है। इसके साथ ही जिन लोगों को लक्षण है, लेकिन वो कोरोना पॉजिटिव नही हैं, उनका भी कॉल पर ही कन्सल्टेंसी से इलाज किया जाएगा, जिससे राज्य के हेल्थ सिस्टम पर प्रेशर कम हो जाएगा। भारत मे सबसे ज्यादा होमियोपैथी कॉलेज और सबसे ज्यादा डॉक्टर प्रैक्टिस करते हैं। इसके साथ ही जहां विदेशों में एक दवा के 25 से 30 डॉलर तक वसूले जाते हैं, भारत में इसकी कीमत बेहद कम है। इसीलिए भारत में अब कोरोना से लड़ाई में इस बरसों पुरानी चिकित्सापद्धति का इस्तेमाल किया जा रहा है।

spot_img

advertisement

spot_img
RELATED ARTICLES

Recent posts

error: Content is protected !!
Latest
Verified by MonsterInsights