बिलासपुर। मस्तूरी थाना क्षेत्र में एक नवजात शिशु लावारिश हालत में पाया गया, जो समाज में चिंता का विषय बन गया है। यह घटना एक बार फिर से हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपने समाज में बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य को लेकर कितने सजग हैं। नवजात शिशु को एक खेत में छोड़ा गया था, जहाँ से उसकी रोने की आवाज सुनकर कुछ लोगो ने उसे देखा और तुरंत डायल 122 को सूचित किया।
दरअसल बिलासपुर पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि डायल -112, छत्तीसगढ़ में जनकल्याण एवं आपातकालीन सेवा की दृष्टिकोण से लगातार कार्य किया जा रहा है इसी कड़ी में डायल 112 बिलासपुर को सूचना प्राप्त हुई की थाना मस्तूरी क्षेत्र में ग्राम रिसदा पेट्रोल पम्प के पास खेत में एक नवजात शिशु लावारिश हाल में पड़े होने एवं रोने की सूचना तोरवा इगल 1 को मिलने पर इवेंट में तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुंची 112 टीम के आरक्षक 1092 सुनील पटेल एवं चालक जयेश कश्यप द्वारा नवजात शिशु को ईलाज एवं देखभाल के लिए डायल 112 वाहन में मस्तूरी चाइल्ड केयर यूनिट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मस्तूरी में भर्ती किया गया जिसकी जानकारी मस्तूरी BMO अनिल कुमार दी गई, तथा शिशु को अग्रिम स्वास्थ्य लाभ हेतु CIMS रीफर किया गया है जहाँ बच्चे का ट्रीटमेंट चल रहा है। इस प्रकरण में थाना मस्तूरी में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध BNS की धारा 93 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जाँच की जा रही है।

एसपी ने 112 टीम की पीठ थपथपा कर उनके इस मानवीय कार्य की प्रशंसा की एवं उन्हें पुरस्कृत किया।
बिलासपुर पुलिस ने जनता से की यह अपील
पुलिस अधीक्षक बिलासपुर का कहना है कि किसी भी अपराध,अपराधी,घटना, दुघर्टना या किसी भी परिस्थिति में पुलिस की सहायता की जरूरत होने पर बिना किसी झिझक के डायल-112 पर कॉल करें या किसी भी अन्य माध्यम से पुलिस को सूचित करें. बिलासपुर पुलिस आमजन की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहती है।


