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राशन दुकानदारों की धांधली: गरीबों के हक का 42 लाख रुपए के शासकीय खाद्य सामग्रियों का गबन, एफआईआर दर्ज…

बिलासपुर। शहर में दो राशन दुकान संचालकों पर 42 लाख रुपए के शासकीय खाद्य सामग्रियों की हेराफेरी और गबन का आरोप सामने आया है। सरकण्डा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ जुर्म दर्ज कर लिया है।

खाद्य निरीक्षक धीरेन्द्र कश्यप ने इस गबन की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों ने शासकीय खाद्य सामग्रियों, जो गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए वितरित की जाती है, को खुले बाजार में बेच दिया। यह सामग्रियाँ जन वितरण प्रणाली के तहत राशन दुकानों को दी जाती हैं, जिनका उचित वितरण आवश्यक है।

शासकीय सामग्रियों के इस प्रकार के दुरुपयोग से शासन को न केवल आर्थिक नुकसान हुआ है, बल्कि यह आम जनता के साथ एक बड़ा धोखा भी है।

20 जून 2024 को उनके द्वारा मूक्तिधाम चौक सरकण्डा सिथित अजय मिश्रा पिता स्व.रामनाथ मिश्रा 56 साल की राशन दुकान में शासन से प्राप्त खाद्यान्न सामग्री का भौतिक सत्यापन किया गया था। इसमें 6 हजार 490.86 वि्विंटल चावल, 2 विवंटल शक्कर, रिफाइंड नमक 7.62 किवंटल का हिसाब संचालक नहीं दे पाया।

उक्त खाद्यान्न की बाजार में कीमत 3 लाख 86 हजार 252 रुपए है। इसी तरह मुक्तिधाम चौक स्थित कैलासनाथ मिश्रा के राशन दुकान के भौतिक सत्यापन में चावल 268.74 विवंटल, शक्कर 3 16 विविंटल, नमक 3.94 किवंटल, रिफाइंड नमक 3.94 विवंटल कम मिला। इन सभी का बाजार मूल्य 10 लाख 20 हजार 169 रुपए है।

दोनों संचालकों के द्वारा राज्य सरकार से गरीबो को बांटने के लिए मिली उक्त खाद्य सामग्री को खुले बाजार में बेचकर हेराफेरी की गई है। पुलिस ने उनकी रिपोर्ट पर दोनें राशन दुकान संचालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3.7. के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है।

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