बिलासपुर। मिशन अस्पताल परिसर में अवैध निर्माण और कब्जे के प्रयासों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की सख्त कार्रवाई देखने को मिली है। यह मामला तब सामने आया जब परिसर में अनधिकृत रूप से प्रवेश कर कुछ लोगों द्वारा चार नए बोर्ड और फ्लैक्स लगाए गए। इस कार्य को अदालत के आदेशों का उल्लंघन मानते हुए नजूल शाखा के राजस्व निरीक्षक मयंक मणी दुबे ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई।
अवैध निर्माण की शिकायत
शिकायत के अनुसार, मिशन अस्पताल परिसर में नितिन लारेंस और जयदीप राबिंसन ने गैरकानूनी तरीके से बोर्ड और फ्लैक्स लगाए, जो कि अदालत के आदेशों का सीधा उल्लंघन है। उल्लेखनीय है कि यह क्षेत्र संभागायुक्त न्यायालय के आदेशानुसार प्रतिबंधित क्षेत्र के अंतर्गत आता है। शिकायत में यह भी बताया गया है कि परिसर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरे और बिजली के केबल को भी काट दिया गया, जिससे शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न हुई।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
सिविल लाइन पुलिस ने शिकायत के आधार पर विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन की इस सख्ती से यह स्पष्ट हो गया है कि अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मिशन हास्पिटल की जमीन का विवाद
मिशन अस्पताल की जमीन का विवाद भी इस मामले के पीछे एक बड़ी वजह है। अस्पताल की जमीन की लीज समाप्त होने के बाद उसका रिन्यूवल नहीं कराया गया था, और परिसर का इस्तेमाल आर्थिक लाभ के लिए किया जा रहा था। इस पर प्रशासन ने पहले ही कड़ी कार्रवाई करते हुए 26 अगस्त तक जमीन खाली करने का निर्देश जारी किया था, जिसे नजूल न्यायालय ने मंजूरी दी थी। हालांकि, संभागायुक्त न्यायालय ने इस आदेश पर स्टे जारी किया और अगली सुनवाई 10 सितंबर को रखी गई है।
प्रशासनिक अधिकारियों की तत्परता
गुरुवार को जैसे ही अवैध गतिविधियों की जानकारी प्रशासन को मिली, एसडीएम पीयूष तिवारी, तहसीलदार अतुल वैष्णव और नजूल तहसीलदार शिल्पा भगत सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। मौके पर जाकर अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बैनर और फ्लैक्स जब्त कर लिए। उनकी इस कार्रवाई के कारण दिनभर अस्पताल परिसर में गहमागहमी का माहौल बना रहा।
निष्कर्ष: यह मामला बिलासपुर के मिशन अस्पताल की विवादित जमीन से जुड़ा है, जहां अवैध निर्माण और कब्जे के प्रयास किए जा रहे थे। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की है और पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आने वाले समय में अदालत की सुनवाई और जांच के परिणामों पर ही इस मामले का आगे का रुख तय होगा।


