बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के मुद्दे को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष विजय पांडेय और जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी ने हाल ही में एक संयुक्त प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने राज्य की भूपेश बघेल सरकार और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उनके अनुसार, छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है, जिससे यह राज्य अपराधियों के लिए एक शरण स्थल बनता जा रहा है।
महिला अपराधों में वृद्धि:
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि पिछले आठ महीनों में छत्तीसगढ़ में 3094 महिला अपराध दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 600 से अधिक बलात्कार के मामले हैं। ये आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में तेजी से वृद्धि हुई है। केवल बिलासपुर जिले में ही 129 बलात्कार के मामले सामने आए हैं, जो स्थिति की गंभीरता को स्पष्ट करता है।
भाजपा सरकार पर आरोप:
प्रेस वार्ता के दौरान, कांग्रेस नेताओं ने भाजपा की सरकार पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा छत्तीसगढ़ को अपराध मुक्त बनाने की बात करती थी, लेकिन आज राज्य अपराध का गढ़ बन चुका है। उन्होंने विशेष रूप से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की आलोचना की, जो खुद को महिलाओं का रक्षक बताते हैं, लेकिन उनके कार्यकाल में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में बढ़ोतरी हो रही है।
सरकार और प्रशासन की उदासीनता:
कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस अक्सर अपराधों की रिपोर्ट दर्ज करने में देरी करती है या फिर उन्हें नजरअंदाज कर देती है। भिलाई में डीपीएस स्कूल में 4 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए दुराचार के मामले में एसपी द्वारा आरोपों को नकारना, इस बात का स्पष्ट उदाहरण है। कांग्रेस नेताओं ने पूछा कि आखिर इस मामले में एसपी के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
आदिवासी महिला के साथ सामूहिक बलात्कार:
रायगढ़ जिले के पुसौर में एक आदिवासी महिला के साथ 14 लोगों द्वारा सामूहिक बलात्कार की घटना पर भी कांग्रेस ने राज्य सरकार की कड़ी निंदा की। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने से इंकार कर दिया था और पत्रकारों के दबाव में ही एफआईआर दर्ज की गई। यह घटना राज्य की कानून व्यवस्था की पोल खोलती है।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए कांग्रेस का संकल्प:
कांग्रेस ने महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया है। उन्होंने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि “लड़की बचाओ-लड़की पढ़ाओ” सिर्फ एक जुमला है और कांग्रेस इस जुमले को हकीकत में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने राज्य की भूपेश बघेल सरकार और भाजपा की कथनी और करनी में अंतर को उजागर करने की कोशिश की। उन्होंने राज्य में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की। यह देखना बाकी है कि इस मुद्दे पर राज्य सरकार क्या कदम उठाती है और क्या महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो पाएगी।


