बिलासपुर रेंज के साइबर थाना ने एक बड़े ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी मामले में अहम सफलता हासिल की है। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से अंतर्राज्यीय साइबर अपराधियों के गिरोह को पकड़ने में सफलता मिली है। इस गिरोह ने भोले-भाले निवेशकों को स्टॉक मार्केट में पैसे निवेश करने का लालच देकर लाखों रुपये ठगे। इस मामले में पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें प्रमुख सरगना हितेश भाई पटेल और उसके साथी शामिल हैं।
मामला: सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापनों से ठगी
गिरोह ने सोशल मीडिया पर स्टॉक मार्केट में अधिक मुनाफा कमाने के फर्जी विज्ञापन चलाए। लोगों को उच्च लाभ का लालच देकर उनसे लाखों रुपये निवेश करवाए गए। पीड़ित आनंद अग्रवाल ने शिकायत दर्ज करवाई कि उन्हें 42 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू की, जिससे आरोपी हितेश पटेल, मनीष पटेल और ठाकोर सचिन कुमार के नाम सामने आए।
जालसाजी में फर्जी सिम और बैंक खातों का इस्तेमाल
गिरफ्तार आरोपियों ने धोखाधड़ी के लिए फर्जी सिम कार्ड और फर्जी बैंक खातों का उपयोग किया। उनके पास अन्य साथियों की भी मदद से फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हुए लोगों से ठगी करने की पूरी योजना थी। ऑनलाइन विज्ञापनों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से यह लोग भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।
तकनीकी विश्लेषण और गुजरात में धरपकड़
धोखाधड़ी के इस मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण का सहारा लिया और जांच को विस्तार से अंजाम दिया। पुलिस ने गुजरात के अहमदाबाद, मेहसाणा, और अन्य इलाकों में पांच दिनों तक सर्च ऑपरेशन चलाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। स्थानीय पुलिस की मदद से इन तीनों मुख्य आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया और यह भी बताया कि वे फर्जी सिम और बैंक खाते का उपयोग करके रकम निकालते थे।
आम नागरिकों के लिए साइबर सुरक्षा चेतावनी
बिलासपुर पुलिस ने जनता को साइबर ठगी से सतर्क रहने का संदेश दिया है। पुलिस ने विशेष रूप से इस तरह की ठगी से बचने के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए:
- – अपरिचित कॉल्स से सावधान रहें: अधिक मुनाफा कमाने का झांसा देने वाली कॉल्स या मैसेज से सतर्क रहें। किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- – कस्टमर केयर या सरकारी अधिकारी बनकर ठगी: अगर कोई कस्टमर केयर, पुलिस, या कस्टम अधिकारी बनकर कॉल करे और पार्सल, एटीएम, या अन्य जानकारी मांगे, तो सतर्क रहें।
- – कॉल फॉरवर्डिंग का ध्यान रखें: किसी भी अनजान नंबर पर कॉल बैक न करें, क्योंकि इससे आपका कॉल फॉरवर्ड हो सकता है।
- – निजी जानकारी साझा करने से बचें: अपने बैंकिंग डिटेल्स, ओटीपी, आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि की जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
- – फर्जी वेबसाइट्स और अनधिकृत ऐप्स से बचें: किसी भी संदिग्ध वेबसाइट या एप्लिकेशन को डाउनलोड न करें।
बिलासपुर पुलिस का यह कदम साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी उपलब्धि है, जो आम जनता को साइबर सुरक्षा के प्रति सजग होने के लिए प्रेरित करता है।


