Monday, March 23, 2026
Homeक्राइमबिलासपुर: पटवारी का सील व साइन कर कब्जा प्रमाण पत्र बनाने वाले...

बिलासपुर: पटवारी का सील व साइन कर कब्जा प्रमाण पत्र बनाने वाले पटवारी के असिस्टेंट और फ्लैट मालिक गिरफ्तार

बिलासपुर शहर में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जिसमें पटवारी का सील और हस्ताक्षर कूट रचना कर कब्जा प्रमाण पत्र तैयार करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस मामले में पटवारी के असिस्टेंट सलमान खान और फ्लैट मालिक भरत मतलानी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोपों में कार्रवाई की गई है।

प्रार्थी उमेंद प्रसाद बंजारे ने पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई, जिसमें उन्होंने खुलासा किया कि साम्ब शिवम पाठक नामक व्यक्ति ने उनके पास एक फ्लैट का कब्जा प्रमाण पत्र बनवाने के लिए संपर्क किया था। जब कब्जा प्रमाण पत्र का सत्यापन किया गया, तो पता चला कि यह प्रमाण पत्र कूट रचित था और फर्जी तरीके से तैयार किया गया था। यह फर्जी प्रमाण पत्र पिंकी मतलानी और उनके पति भरत मतलानी ने अपार्टमेंट के बिक्री के समय उपयोग किया था।

मामला तब गंभीर हो गया जब जांच में पता चला कि सलमान खान, जो पटवारी के असिस्टेंट हैं, ने मकान मालिक भरत मतलानी से 3500 रुपये लेकर फर्जी कब्जा प्रमाण पत्र तैयार किया था। इस दस्तावेज का इस्तेमाल असली प्रमाण पत्र के रूप में किया गया और उसे कानूनी वैधता देने का प्रयास किया गया।

घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में, अति. पुलिस अधीक्षक (शहर) राजेन्द्र जायसवाल और नगर पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रमोद साबद्रा की देखरेख में आरोपियों की जांच और गिरफ्तारी की गई।

आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया है और उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ धारा 338, 340 (2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर भेज दिया गया है।

आरोपी…

  • 1. सलमान खान: पिता सलाम उल्ला खान, उम्र 31 वर्ष, निवासी तालापारा मरिमाई मंदिर के पास, थाना सिविल लाइन, बिलासपुर।
  • 2. भरत मतलानी: पिता रमेश मतलानी, उम्र 42 वर्ष, निवासी मित्रा नर्सिंग होम के बगल, गुरुनानक चौक, तोरवा, बिलासपुर।

यह मामला शहर में दस्तावेजों की फर्जीवाड़े की एक बड़ी घटना को उजागर करता है। कब्जा प्रमाण पत्र जैसे कानूनी दस्तावेजों को कूट रचना कर असली के रूप में पेश करना गंभीर अपराध है। इस प्रकार की धोखाधड़ी से न केवल लोगों की संपत्ति सुरक्षित नहीं रहती बल्कि सामाजिक व्यवस्था और कानूनी प्रक्रिया में विश्वास भी कम होता है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है और अन्य संभावित संदिग्धों की जांच की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए सरकारी दस्तावेजों की वैधता की अच्छी तरह जांच कराने की अपील की है।

यह घटना स्पष्ट रूप से दिखाती है कि फर्जीवाड़े का जाल कितना गहरा हो सकता है, और पुलिस ने समय रहते इसे रोकने के लिए तेजी से कार्रवाई की।

spot_img

advertisement

spot_img
RELATED ARTICLES

Recent posts

error: Content is protected !!
Latest
Verified by MonsterInsights