Wednesday, March 11, 2026
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बिलासपुर पुलिस की तेज़ कार्रवाई: रेलवे में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी पति-पत्नी गिरफ्तार…

बिलासपुर। रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले पति-पत्नी की जोड़ी को बिलासपुर पुलिस ने बिहार के भागलपुर से गिरफ्तार किया है। मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बताया कि ठगी की यह घटना न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि यह पीड़ित के विश्वास का दुरुपयोग करने का एक गंभीर उदाहरण है।

थाना बिल्हा में डोमन कुमार राजपूत नामक व्यक्ति ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें उसने बताया कि आरोपी रूपेश कुमार रजक और उसकी पत्नी रोमा कुमारी ने उसे रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 5.40 लाख रुपये ठगे।

पीड़ित की मुलाकात रूपेश से ट्रेन यात्रा के दौरान हुई थी, जहां रूपेश ने खुद को रेलवे में लोको पायलट बताते हुए उच्च अधिकारियों से करीबी संबंध होने का दावा किया। इस विश्वास में आकर पीड़ित ने विभिन्न किश्तों में राशि ट्रांसफर कर दी। ठगी के सबूत के तौर पर आरोपी ने फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अनुज कुमार और सीएसपी चकरभाठा डी.आर. टंडन के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया।

बिलासपुर पुलिस की एसीसीयू टीम और थाना बिल्हा की संयुक्त कार्रवाई के तहत, तकनीकी इनपुट और ग्राउंड रिपोर्ट का उपयोग करते हुए, आरोपी पति-पत्नी को उनके निवास स्थान, मायागंज, भागलपुर, बिहार से गिरफ्तार किया गया।

आरोपियों की पहचान
1. रूपेश कुमार रजक (31 वर्ष)
पिता: दीपलाल रजक
निवास: मायागंज, बक्सल मिस्त्री लेन, थाना बरारी, जिला भागलपुर, बिहार

2. रोमा कुमारी (24 वर्ष)
पति: रूपेश कुमार रजक
निवास: मायागंज, बक्सल मिस्त्री लेन, थाना बरारी, जिला भागलपुर, बिहार

आरोपी रूपेश ने पीड़ित से न केवल दोस्ती की, बल्कि अपने झूठे दावे से उसके परिवार का विश्वास भी जीता। उसने पीड़ित को रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपने संबंधों की बात कहकर नौकरी दिलाने का झांसा दिया। पहले उसने 3 लाख रुपये बैंक ट्रांसफर से लिए, फिर 2 लाख रुपये फोन-पे के माध्यम से।

आरोपी ने व्हाट्सएप पर फर्जी चयन सूची भेजी और एलॉटमेंट लेटर के नाम पर अतिरिक्त पैसे मांगे। जब नौकरी की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई और पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी उसे टालता रहा।

पुलिस की टीम
गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली टीम:
– उप निरीक्षक जी.एल. चंद्रकार
– प्रधान आरक्षक बलराम विश्वकर्मा
– आरक्षक संतोष मरकाम
– महिला आरक्षक जीवन्ती
– एसीसीयू बिलासपुर

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे नौकरी के नाम पर होने वाले इस तरह के झांसों से बचें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

इस मामले में बिलासपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने एक संगठित ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह घटना एक सबक है कि किसी भी तरह के रोजगार संबंधी वादे को सतर्कता और जांच के बिना स्वीकार न करें।

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