बिलासपुर नगर निगम चुनाव के बीच कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने बीजेपी की महापौर प्रत्याशी एल. पद्मजा (पूजा विधानी) के जाति प्रमाण पत्र को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि पूजा विधानी का जाति प्रमाण पत्र छत्तीसगढ़ का नहीं है और उनकी जाति को लेकर भ्रम की स्थिति है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता और कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने प्रेस कांफ्रेंस कर बीजेपी प्रत्याशी से जवाब मांगा।
सामान्य कोटे में पिता की नौकरी, तो बेटी ओबीसी कैसे?
कांग्रेस का दावा है कि पूजा विधानी के पिता रेलवे में सामान्य कोटे से नौकरी कर चुके हैं, ऐसे में उनकी बेटी को ओबीसी श्रेणी में कैसे शामिल किया गया? अटल श्रीवास्तव ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पूजा विधानी ओबीसी वर्ग से आती हैं, तो इसका स्पष्ट प्रमाण दिया जाए। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी इस मुद्दे को नजरअंदाज कर रही है और चुनावी फायदे के लिए जाति प्रमाण पत्र को लेकर धांधली कर रही है।
बीजेपी का पलटवार: कांग्रेस को हार का डर
कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी नेता और नगर निगम बिलासपुर के पूर्व सभापति अशोक विधानी, जो कि पूजा विधानी के पति हैं, ने कांग्रेस पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी हार का डर सता रहा है, इसलिए वह बेबुनियाद आरोप लगा रही है। अशोक विधानी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पूजा का जन्म छत्तीसगढ़ में ही हुआ है जिसका प्रमाण पत्र है और उनके पास 2005 में बिलासपुर एसडीएम कार्यालय से जारी जाति प्रमाण पत्र मौजूद है।
जाति प्रमाण पत्र बना चुनावी मुद्दा
नगर निगम चुनाव में जाति प्रमाण पत्र का मुद्दा गरमा गया है। कांग्रेस जहां इस मामले को चुनाव आयोग तक ले जाने की बात कर रही है, वहीं बीजेपी इसे विपक्ष की हताशा करार दे रही है। अब देखना होगा कि यह विवाद चुनावी नतीजों पर कितना असर डालता है और क्या प्रशासन इस मामले में कोई जांच करेगा या नहीं।
(निगम चुनाव के मद्देनजर यह विवाद और गहराएगा या शांत होगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।)


