बिलासपुर के बसंत भाई पटेल वार्ड 36 भाजपा से नाराज होकर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन भरने वाले उमेश चंद्र कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के पूर्व पार्षद और वार्ड 36 से तत्कालीन भाजपा पार्षद पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वे पूरी सच्चाई के साथ यह दावा कर सकते हैं कि भाजपा के वर्तमान वार्ड 36 के पार्षद के प्रतिनिधि गरीबों और जरूरतमंदों से राशन कार्ड बनाने और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत वसूली करते रहे हैं।
उमेश चंद्र कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा करते हुए कहा कि राशन कार्ड बनाने के नाम पर 400 घरों से 2 से 4 हजार रुपये तक की वसूली की गई है। इसके अलावा, राशन कार्ड में नाम जोड़ने के लिए भी 100 रुपये प्रति व्यक्ति लिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि मृतक के परिवार को मिलने वाली 2000 रुपये की राशि से भी 200 रुपये की कमीशन ली जाती है। यह सभी आरोप गरीब और सामान्य नागरिकों की मुश्किलों को बढ़ाने वाले हैं, जो पहले से ही मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।
उमेश चंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि जो आवास गरीबों को दिए जाते हैं, उनके लिए भी फार्म भरने के नाम पर 10 हजार रुपये तक की वसूली की जाती है, चाहे वह आवास मिले या नहीं। यह वसूली एक तरह से सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग है, और इसके चलते जनता को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उमेश चंद्र कुमार ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि वर्तमान भाजपा पार्षद, पूर्व मंत्री के करीबी माने जाते हैं, इस तरह की अवैध असूली का हिस्सा हैं। उनका आरोप है कि पार्टी के अंदर यह गंदगी छिपी हुई है, जो अब जनता के सामने आ रही है।
इन आरोपों के बाद, उमेश चंद्र कुमार ने अपने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान किया और जनता से वादा किया कि वह वार्ड 36 में ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करेंगे। उनके अनुसार, यह समय है जब स्थानीय नेताओं के भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया जाए और जनता की परेशानियों का हल निकाला जाए।
इन आरोपों के बाद अब यह देखना होगा कि भाजपा इस मामले में क्या कदम उठाती है, और क्या उमेश चंद्र कुमार को जनता का समर्थन मिल पाएगा।
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