बिलासपुर। विकास योजनाओं के बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत कई बार अलग ही तस्वीर पेश करती है। बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत नगपुरा में जल जीवन मिशन योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर पानी टंकी का निर्माण किया गया, लेकिन विडंबना यह है कि गांव के लोगों को आज तक एक बूंद पानी भी नसीब नहीं हुआ।
इस गंभीर स्थिति को लेकर ग्राम पंचायत नगपुरा के सरपंच विनय कौशिक ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर पूरे मामले की शिकायत की है और योजना में हुई अनियमितताओं की जांच कर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत पानी टंकी का निर्माण तो पूरा कर लिया गया, लेकिन गांव में अब तक जल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। पाइपलाइन बिछाने के नाम पर गांव की सड़कों को बीच से खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे ग्रामीणों को रोजमर्रा की आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह सड़कें बदहाल हो चुकी हैं और दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है।
गांव की बस्ती के बीच पहले से मौजूद पुरानी पानी टंकी अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। लंबे समय से उपयोग में नहीं होने के कारण इसकी स्थिति काफी खराब हो गई है और ग्रामीणों को डर है कि यह कभी भी गिर सकती है। यदि समय रहते इसे हटाने या सुरक्षित करने के कदम नहीं उठाए गए तो यह किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
सरपंच द्वारा कलेक्टर को भेजे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही के कारण योजना अधूरी पड़ी है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद गांव के लोगों को पेयजल की सुविधा नहीं मिल पा रही है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका भी जताई जा रही है।
ग्राम पंचायत नगपुरा के सरपंच और पंचगणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर वैधानिक कार्रवाई की जाए। साथ ही गांव में जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति शुरू कराई जाए और जर्जर पुरानी पानी टंकी को लेकर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएं ताकि किसी भी संभावित हादसे को रोका जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे इस मुद्दे को लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।


