रायपुर। करीब ढाई साल की लंबी प्रक्रिया, लाखों अभ्यर्थियों की उम्मीदें और कई चरणों की जटिल चयन प्रक्रिया के बाद आखिरकार प्रयोगशाला परिचारक भर्ती 2023 अपने अंतिम मुकाम पर पहुंच गई है। 430 पदों के लिए शुरू हुई इस भर्ती ने जहां हजारों युवाओं को राहत दी है, वहीं प्रदेश में रोजगार की वास्तविक स्थिति पर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
इस भर्ती प्रक्रिया की नींव 4 अगस्त 2023 को रखी गई, जब शासन से अनुमति मिली। इसके बाद 5 अक्टूबर 2023 को आधिकारिक विज्ञापन जारी हुआ और आवेदन आमंत्रित किए गए। उम्मीद के मुताबिक, युवाओं में भारी उत्साह देखने को मिला और कुल 1,28,685 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। यह आंकड़ा अपने आप में इस बात का संकेत था कि सीमित पदों के मुकाबले बेरोजगारी का दबाव कितना बड़ा है।
प्रक्रिया के दौरान 10 अक्टूबर 2024 को संशोधित विज्ञापन जारी करना पड़ा, जिससे चयन की रूपरेखा और स्पष्ट हो सकी। इसके बाद 3 अगस्त 2025 को छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल, रायपुर द्वारा परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें 1,12,792 अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा परिणाम 18 सितंबर 2025 को घोषित हुआ, जिससे हजारों अभ्यर्थियों की उम्मीदें आगे बढ़ीं, जबकि बड़ी संख्या में उम्मीदवार इस चरण में ही बाहर हो गए।
असली परीक्षा इसके बाद शुरू हुई, जब दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया 8 दिसंबर 2025 से 23 फरवरी 2026 तक चली। मेरिट के आधार पर 2106 अभ्यर्थियों को सत्यापन के लिए बुलाया गया। यह चरण बेहद महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि यहां छोटी-सी त्रुटि भी उम्मीदों पर पानी फेर सकती थी।
इसके बाद 13 से 23 मार्च 2026 के बीच पात्र और अपात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दावे-आपत्तियां आमंत्रित की गईं। कुल 53 अभ्यर्थियों ने आपत्तियां दर्ज कराईं, जिनका परीक्षण कर 24 मार्च को अंतिम सूची तैयार की गई। अंततः 25 मार्च 2026 को चयन सूची जारी होते ही लंबे इंतजार का पटाक्षेप हो गया।
इस भर्ती में आरक्षण नियमों का पालन करते हुए सभी वर्गों—अनारक्षित, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और दिव्यांग—को शामिल किया गया। विशेष रूप से दिव्यांग वर्ग के लिए 30 पद आरक्षित किए गए, जिनमें 15 पद एक पैर (OL) और 15 पद श्रवण बाधित (HH) श्रेणी के लिए निर्धारित रहे।
अब चयनित अभ्यर्थियों के लिए अगला चरण काउंसलिंग का है, जो 30 मार्च और 2 अप्रैल 2026 को आयोजित होगी। इसके बाद चयनित उम्मीदवारों को राज्य के 285 महाविद्यालयों में आवश्यकता के अनुसार पदस्थ किया जाएगा। नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री के हाथों संपन्न होने की संभावना है।


