बिलासपुर।
जिले के मस्तूरी क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में रहने वाले भूमिहीन कृषि मजदूर इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। “भूमिहीन कृषि मजदूर योजना” के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि अचानक बंद हो जाने से मजदूरों के सामने रोजमर्रा के खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। परेशान ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कलेक्टर को लिखित आवेदन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
ग्रामीणों के अनुसार वे लंबे समय से इस योजना के पात्र हितग्राही हैं और उन्हें शासन की ओर से नियमित रूप से आर्थिक सहायता मिलती रही है। लेकिन चालू वर्ष में बिना किसी पूर्व सूचना के यह राशि बंद कर दी गई। मजदूरों का कहना है कि जब वे ऑनलाइन माध्यम से अपने खातों की जांच करते हैं या राशि निकालने का प्रयास करते हैं, तो खाते में कोई रकम प्रदर्शित नहीं होती।
मजदूरों ने बताया कि इस समस्या को लेकर उन्होंने संबंधित बैंकों और विभागीय कार्यालयों के कई चक्कर लगाए, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट जवाब या समाधान नहीं मिला। प्रशासनिक स्तर पर हो रही इस अनदेखी ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
भूमिहीन मजदूर पूरी तरह दैनिक मजदूरी पर निर्भर रहते हैं, ऐसे में योजना की यह सहायता उनके लिए जीवनरेखा के समान है। राशि बंद होने से उनके परिवारों के सामने भोजन, शिक्षा और अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करना चुनौती बन गया है।
ग्रामीणों ने अपने आवेदन में जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता से जांच कराई जाए और जल्द से जल्द योजना की बंद पड़ी राशि को पुनः चालू किया जाए। उन्होंने यह भी अपील की है कि भविष्य में इस तरह की स्थिति न बने, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मुद्दे को कितनी प्राथमिकता देता है और कब तक इन जरूरतमंद मजदूरों को राहत मिल पाती है। फिलहाल, मस्तूरी के भूमिहीन मजदूरों की निगाहें कलेक्टर के निर्णय पर टिकी हुई हैं।


