बिलासपुर। पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देश पर अप्रैल 2026 में पूरे छत्तीसगढ़ में चलाए गए ऑपरेशन मुस्कान और ऑपरेशन तलाश के तहत बिलासपुर पुलिस ने उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए कुल 648 गुमशुदा लोगों को दस्तयाब किया। इनमें 69 अपहृत बालक/बालिकाएं और 579 महिला एवं पुरुष शामिल हैं। इस उपलब्धि के साथ बिलासपुर जिला ऑपरेशन मुस्कान में पूरे राज्य में प्रथम और ऑपरेशन तलाश में द्वितीय स्थान पर रहा।
इस अभियान को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के नेतृत्व में गंभीरता से संचालित किया गया। उन्होंने जिले में लंबित गुमशुदगी के मामलों की स्वयं समीक्षा करते हुए सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को संवेदनशीलता के साथ विवेचना और विश्लेषण कर त्वरित दस्तयाबी के निर्देश दिए।
पुलिस ने इस दौरान तकनीकी संसाधनों का व्यापक उपयोग किया और मुखबिर तंत्र को मजबूत किया, जिससे कई गुमशुदा बच्चों और महिलाओं के अन्य राज्यों में होने की जानकारी मिली। इसके बाद विशेष टीमों का गठन कर उन्हें देश के विभिन्न राज्यों और जिलों में रवाना किया गया। अभियान के दौरान महाराष्ट्र से 2 बालिकाएं और उड़ीसा से 1 बालिका को सुरक्षित दस्तयाब किया गया, जबकि शेष को राज्य के विभिन्न जिलों से खोजा गया।
आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक चले इस अभियान में 11 बालक और 58 बालिकाएं सहित कुल 69 बच्चों को बरामद किया गया। वहीं 430 महिलाएं और 149 पुरुष, कुल 579 लोगों को भी सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाया गया।
इस पहल का सबसे मानवीय पहलू यह रहा कि लंबे समय से बिछड़े लोग अपने परिवारों से मिल सके। परिजनों की आंखों में खुशी और राहत साफ नजर आई, वहीं कई लोगों ने बिलासपुर पुलिस का आभार भी व्यक्त किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने इस सफलता के लिए जिले के सभी अधिकारियों, थाना प्रभारियों और विवेचकों की सराहना की और इसे टीमवर्क तथा संवेदनशील पुलिसिंग का परिणाम बताया।
बिलासपुर पुलिस की यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक दक्षता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सही रणनीति, समर्पण और मानवीय दृष्टिकोण के साथ पुलिसिंग समाज में विश्वास और सुरक्षा का मजबूत आधार बना सकती है।


