Sunday, May 10, 2026
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डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1 करोड़ की साइबर ठगी: राजस्थान से पकड़े गए अंतर्राज्यीय गिरोह के दो आरोपी, बिलासपुर साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई…

बिलासपुर। ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच बिलासपुर रेंज साइबर थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर एक महिला से 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के दो आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाकर पूछताछ की जा रही है, जबकि पूरे साइबर नेटवर्क की जांच अभी भी जारी है।

मामला थाना रेंज साइबर बिलासपुर में अपराध क्रमांक 02/2026 के तहत दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4), 308(6), 3(5) बीएनएस तथा 66C और 66D आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

जानकारी के अनुसार, प्रार्थी की माता के मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल कर एक व्यक्ति ने स्वयं को “संजय PSI” बताते हुए संपर्क किया। आरोपी ने महिला को डराते हुए कहा कि उनका नाम एक आतंकवादी संगठन से जुड़े मामले में सामने आया है और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है। इसके बाद महिला को वीडियो कॉल के जरिए घंटों तक तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” में रखा गया।

आरोपियों ने पुलिस, ईडी, आरबीआई और सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई का भय दिखाकर महिला पर लगातार मानसिक दबाव बनाया। महिला को यह भी धमकी दी गई कि यदि उन्होंने परिवार के किसी सदस्य से संपर्क किया तो उनके बेटे और अन्य रिश्तेदारों को भी मामले में फंसा दिया जाएगा।

ठगों ने महिला को फर्जी सरकारी नोटिस, ईडी जांच दस्तावेज, सुप्रीम कोर्ट आदेश और आरबीआई नोटिस भेजकर विश्वास दिलाया कि उनके खिलाफ गंभीर जांच चल रही है। लगातार डर और मानसिक प्रताड़ना के चलते महिला आरोपियों के झांसे में आ गई और अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करती रही।

जांच में सामने आया कि महिला से अलग-अलग तिथियों में कुल 1,04,80,000 रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कराए गए। इतना ही नहीं, आरोपियों द्वारा केस समाप्त करने के नाम पर अतिरिक्त 50 लाख रुपये की मांग भी की जा रही थी।

जब पीड़िता ने पूरी बात अपने पुत्र को बताई तब मामले का खुलासा हुआ और तत्काल रेंज साइबर थाना बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई गई।

प्रकरण दर्ज होने के बाद साइबर पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन का तकनीकी विश्लेषण शुरू किया। जांच में पता चला कि ठगी की रकम कई लेयर बैंक खातों के जरिए ट्रांसफर की गई थी। बैंकिंग ट्रेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने राजस्थान के चुरू जिले से दो आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों में रूपेन्द्र सिंह (21 वर्ष) और विशाल सिंह (20 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम पोती, थाना रतननगर, जिला चुरू (राजस्थान) शामिल हैं।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते उपलब्ध कराए थे तथा ठगी की रकम निकालकर अन्य लोगों तक पहुंचाई थी। इसके बदले उन्हें कमीशन मिलता था।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। फिलहाल साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों, बैंक खातों और डिजिटल ट्रेल की विस्तृत जांच जारी है।

यह पूरी कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक गोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह और नोडल अधिकारी गगन कुमार के निर्देशन में रेंज साइबर थाना बिलासपुर की टीम द्वारा की गई।

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