बिलासपुर, 17 जुलाई। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने बिलासपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई इलाकों में तीन से चार फीट तक पानी भर जाने की सूचना के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने शुक्रवार की सभी निर्धारित बैठकें तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दीं और सभी अधिकारियों को फील्ड में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने कहा कि जिले के कई हिस्सों से भारी जलभराव की जानकारी मिल रही है। ऐसे क्षेत्रों में तत्काल राहत दल भेजकर जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। नगर निगम, जनपद पंचायत, राजस्व, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारियों को लगातार क्षेत्र का दौरा कर स्थिति पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने सड़क, नदी और नालों की स्थिति का निरीक्षण करने, पानी के बहाव का आकलन करने तथा जहां जरूरत हो वहां बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया है। कलेक्टर ने यह भी कहा कि लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए सभी अधिकारी आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें, ताकि किसी भी समस्या का तत्काल समाधान किया जा सके।
इधर, बिलासपुर पुलिस ने भी नागरिकों के लिए ट्रैफिक और सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जलभराव वाले निचले इलाकों की सड़कों पर जाने से बचें और अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए ऊंचाई वाले वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। इससे आवागमन बाधित होने और दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी।
पुलिस ने विशेष रूप से चेतावनी दी है कि नदी-नालों पर बने रपटों या ऐसी क्रॉसिंग, जिनके ऊपर से पानी बह रहा हो, उन्हें किसी भी हालत में पार करने का प्रयास न करें। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
पुलिस के अनुसार श्रीकांत वर्मा मार्ग, महाराणा प्रताप चौक–एसबीआर कॉलेज लेन, गौरव पथ, ईदगाह चौक मार्ग, मस्तूरी मार्ग, भारती नगर मार्ग, मुंगेली नाका मार्ग तथा सरकंडा क्षेत्र के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। लोगों से अपील की गई है कि जब तक पानी का स्तर कम नहीं हो जाता, तब तक इन मार्गों से आवागमन से बचें।
मौसम विभाग द्वारा आगामी घंटों में भी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में जिला प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने, प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन या पुलिस कंट्रोल रूम को देने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि राहत एवं बचाव दल पूरी तरह मुस्तैद हैं और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।



