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बिलासपुर में भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने: महिला मोर्चा के कांग्रेस भवन घेराव पर सिद्धांशु मिश्रा का पलटवार, FIR नहीं हुई तो भाजपा नेताओं के घरों और कार्यालयों तक पहुंचेगी कांग्रेस…

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में सोमवार, 12 अक्टूबर को महिला सम्मान और छात्राओं की सुरक्षा के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गईं। कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर छात्राओं के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार के गंभीर आरोपों को लेकर भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा महिला मोर्चा ने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोप सिद्ध होने पर कठोर कार्रवाई की मांग उठाई। वहीं, प्रदर्शन के बाद कांग्रेस शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने वीडियो जारी कर भाजपा महिला नेत्रियों पर राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और एफआईआर दर्ज नहीं होने पर भाजपा नेताओं के घरों एवं कार्यालयों तक पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दे दी। इस बयान के बाद बिलासपुर की सियासत में टकराव और तेज हो गया है।

भाजपा महिला मोर्चा बिलासपुर शहर एवं ग्रामीण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रदर्शन में महापौर पूजा विधानी, भाजपा प्रदेश मंत्री हर्षिता पाण्डेय, महिला मोर्चा शहर जिलाध्यक्ष स्नेहलता शर्मा, ग्रामीण जिलाध्यक्ष गायत्री साहू सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता शामिल हुईं। प्रदर्शनकारियों ने राजीव भवन के सामने नारेबाजी करते हुए संबंधित मामले में निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग की।

महापौर पूजा विधानी ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। ऐसे आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आए और कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। भाजपा प्रदेश मंत्री हर्षिता पाण्डेय ने भी कहा कि महिलाओं के सम्मान और छात्राओं की सुरक्षा के मामले में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोपों की पारदर्शी जांच कर तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की मांग की।

महिला मोर्चा की शहर जिलाध्यक्ष स्नेहलता शर्मा और ग्रामीण जिलाध्यक्ष गायत्री साहू ने भी छात्राओं की सुरक्षा और न्याय का मुद्दा उठाते हुए कहा कि गंभीर आरोपों की सच्चाई जांच के बाद सामने आनी चाहिए और कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। महिला मोर्चा ने स्पष्ट किया कि महिलाओं एवं छात्राओं के सम्मान और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर वह आगे भी आवाज उठाता रहेगा।

लेकिन भाजपा के इस प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने भी कड़ा रुख अपना लिया। कांग्रेस शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने वीडियो जारी कर भाजपा महिला नेत्रियों के प्रदर्शन पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस भवन के अंदर प्रवेश कर राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन किया और कानून को ताक पर रखकर प्रदर्शन किया।

सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि यदि संबंधित प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है, तो कांग्रेस पार्टी भाजपा नेताओं के घरों से लेकर उनके कार्यालयों तक बिना सूचना के पहुंचेगी और उनके नाम की पट्टिकाओं पर कालिख पोतेगी। कांग्रेस अध्यक्ष की इस चेतावनी ने विवाद को और तीखा कर दिया है। अब राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ संभावित जवाबी प्रदर्शनों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

इस घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक दल संयम और जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखेंगे? क्या राजीव भवन में हुए प्रदर्शन को लेकर पुलिस में शिकायत या एफआईआर दर्ज होगी? और यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो क्या कांग्रेस अपनी चेतावनी के मुताबिक भाजपा नेताओं के घरों एवं कार्यालयों तक पहुंचेगी?

एक तरफ भाजपा महिला मोर्चा कथित आरोपों की निष्पक्ष जांच और छात्राओं को न्याय दिलाने की मांग कर रहा है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस प्रदर्शन के तरीके और अपने कार्यालय में प्रवेश को लेकर विरोध जता रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और दोनों दलों के बीच बढ़ता राजनीतिक टकराव किस दिशा में आगे बढ़ता है।

महिला सम्मान और न्याय की मांग से शुरू हुआ यह विवाद अब बिलासपुर में भाजपा-कांग्रेस के बीच राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई बनता नजर आ रहा है। ऐसे में जरूरी है कि आरोपों की जांच कानून के दायरे में हो, तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाए और राजनीतिक विरोध के नाम पर किसी भी पक्ष की ओर से कानून हाथ में लेने की स्थिति पैदा न हो।

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