
बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर में नगर निगम के एमआईसी सदस्य और भाजपा के वरिष्ठ पार्षद बंधु मौर्य के साथ मारपीट की घटना ने शहर में हलचल मचा दी है। तिफरा स्थित थोक सब्जी मंडी में पहुंचे 7 से 8 लोगों पर बंधु मौर्य और उनके साथियों को घेरकर मारपीट करने का आरोप लगा है। घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज सामने आने की बात भी कही जा रही है। मामले में सिरगिट्टी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नगर निगम के जनप्रतिनिधि और सब्जी कारोबारी के साथ मंडी जैसे व्यस्त सार्वजनिक स्थान पर हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर ऐसा क्या विवाद था कि मामला मारपीट तक पहुंच गया? क्या वाकई पुराने मामले में समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा था? पुलिस जांच में इन सवालों के जवाब सामने आना बाकी है।
जानकारी के मुताबिक, बंधु मौर्य वरिष्ठ पार्षद होने के साथ सब्जी कारोबार से भी जुड़े हैं। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते विवाद हुआ और इसी के बाद तिफरा की थोक सब्जी मंडी में उनके साथ मारपीट की गई। बताया जा रहा है कि पुराने मामले में समझौता करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। हालांकि, विवाद की पूरी पृष्ठभूमि और हमले के पीछे की वास्तविक वजह की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज की चर्चा ने मामले को और गंभीर बना दिया है। फुटेज में दर्ज दृश्यों की जांच से यह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि घटनास्थल पर क्या हुआ, कितने लोग शामिल थे और मारपीट की शुरुआत किस तरह हुई। पुलिस के लिए फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और शिकायत में सामने आए तथ्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ना महत्वपूर्ण होगा।
इस पूरे मामले को लेकर चिंता इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि बीते दिनों बंधु मौर्य की हत्या की सुपारी दिए जाने की बात भी सामने आई थी। अब मारपीट की ताजा घटना ने उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, पहले सामने आई सुपारी संबंधी जानकारी और मौजूदा मारपीट की घटना के बीच कोई संबंध है या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। दोनों घटनाओं को जोड़कर देखने से पहले पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आना जरूरी है।
सिरगिट्टी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब यह देखना अहम होगा कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल लोगों की भूमिका किस तरह स्पष्ट करती है और पुरानी रंजिश तथा समझौते के दबाव के आरोपों में कितनी सच्चाई सामने आती है।
तिफरा की थोक सब्जी मंडी में हुई इस घटना ने कानून-व्यवस्था और व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मामले में निष्पक्ष जांच, तथ्यों के आधार पर दोषियों की पहचान और कानून के मुताबिक कार्रवाई जरूरी है, ताकि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और आम लोगों का सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा कायम रहे।
सीसीटीवी फुटेज

