छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में दुर्ग-छपरा और छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस (15159-15160) को नियमित चलाने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। इस मांग को उठाते हुए पूर्वांचल समाज के प्रतिनिधियों ने बिलासपुर स्थित डीआरएम कार्यालय में जाकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नाम दिया गया, जिसमें सारनाथ एक्सप्रेस को तुरंत पुनः प्रारंभ करने की अपील की गई। डीआरएम की अनुपस्थिति में यह ज्ञापन एडीआरएम चंद्रभूषण को सौंपा गया।
इस अभियान का नेतृत्व स्वामी सहजानंद सरस्वती समाज एवं भोजपुरी समाज के पदाधिकारियों द्वारा किया गया। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से सहजानंद सरस्वती समाज के उपाध्यक्ष अभयनारायण राय, सचिव राजीव कुमार, सहसचिव अमित सिंह, भोजपुरी समाज के सचिव बीएन ओझा, उपाध्यक्ष विजय दुबे और सदस्य वीरेंद्र तिवारी शामिल थे।
सारनाथ एक्सप्रेस की नियमितता की मांग क्यों?
पूर्वांचल समाज के राजीव कुमार और बीएन ओझा ने सयुंक्त रूप से बताया कि रेल प्रशासन एक तरफ महाकुंभ के अवसर पर रायगढ़-बिलासपुर और दुर्ग से प्रयागराज होते हुए वाराणसी तक स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा कर रहा है, लेकिन दूसरी ओर, सारनाथ एक्सप्रेस जैसी नियमित ट्रेन को कुंभ के समय 76 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। यह निर्णय आम जनता के लिए असुविधाजनक है, खासकर उन लोगों के लिए जो प्रयागराज जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल की यात्रा करते हैं।
उपाध्यक्ष अभयनारायण राय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए सारनाथ एक्सप्रेस प्रयागराज जाने का एकमात्र साधन है। प्रयागराज, जहां धार्मिक रीति-रिवाजों जैसे अस्थि विसर्जन और दशगात्र के लिए लोग यात्रा करते हैं, वहां जाने का यह महत्वपूर्ण साधन बंद होने से लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। कुंभ के आयोजन को ध्यान में रखते हुए यह ट्रेन तत्काल रूप से फिर से चालू होनी चाहिए।
आंदोलन का विस्तार और राजनीतिक सहयोग
पूर्वांचल समाज ने यह भी निर्णय लिया है कि वे अपनी मांगों को और मजबूत करने के लिए बिलासपुर सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू से भी मुलाकात करेंगे और उन्हें ज्ञापन सौंपेंगे। इसके अलावा, समाज ने यह भी बताया कि वे बिलासपुर के स्थानीय विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला और दिलीप लहरिया से भी मिलकर इस मुद्दे पर रेल प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास करेंगे।
सारनाथ एक्सप्रेस को नियमित रूप से चलाने की यह मांग लगातार बढ़ती जा रही है, और पूर्वांचल समाज इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाने की योजना बना रहा है। समाज की यह पहल न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के लोगों की परिवहन सुविधाओं की बहाली की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
समाज की अपील
पूर्वांचल समाज के प्रतिनिधियों ने यह स्पष्ट किया कि वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाएंगे। उनका उद्देश्य है कि रेल प्रशासन जल्द से जल्द सारनाथ एक्सप्रेस को पुनः चालू करे, ताकि छत्तीसगढ़ के लोगों की यात्रा में कोई बाधा न हो।


