बिलासपुर।
बिलासपुर में एक सनसनीखेज घटना ने शहर में दहशत फैला दी। तारबाहर थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार कार सीधे एक मकान के मुख्य गेट को तोड़ते हुए घर के भीतर जा घुसी। घटना के वक्त घर के बरामदे में टहल रहे परिवार के सदस्य बाल-बाल बच गए। पुलिस ने मामले को महज सड़क हादसा नहीं, बल्कि जान से मारने के प्रयास के रूप में दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी संजय अग्रवाल ने शिकायत दर्ज कराई कि 17 जुलाई 2026 की रात करीब 8 बजे वह अपने घर के बरामदे में टहल रहे थे। तभी अचानक तेज रफ्तार कार (क्रमांक MP-04-CX-6273) उनके मकान के मुख्य गेट को तोड़ते हुए अंदर घुस गई। कार ने घर के दरवाजे और खिड़कियों को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के दौरान यदि परिवार के लोग समय रहते वहां से नहीं हटते तो बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था।
शिकायत के आधार पर तारबाहर पुलिस ने अपराध क्रमांक 239/2026 दर्ज कर धारा 109(1) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला कायम कर विवेचना शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर तत्काल विशेष टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक सिटी कोतवाली गगन कुमार (IPS) तथा थाना प्रभारी रविन्द्र अनंत के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी आशीष तिवारी (45 वर्ष), निवासी नेहरूग्राम, देहरादून (उत्तराखंड) को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त कार और एक मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि घटना के पीछे कोई पुरानी रंजिश, व्यक्तिगत विवाद या अन्य साजिश तो नहीं थी। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि यदि किसी वाहन का इस्तेमाल हथियार की तरह किया जाए तो उसका परिणाम कितना भयावह हो सकता है। समय रहते परिवार के लोगों के हट जाने से एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन घटना ने पूरे इलाके में भय और सनसनी का माहौल पैदा कर दिया।


