
बिलासपुर। जिले के ग्राम पंचायत सिलपहरी में लगभग 55 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया है। ग्राम पंचायत सिलपहरी एवं समस्त ग्रामवासियों की ओर से जिला कलेक्टर को लिखित आवेदन सौंपकर प्रस्तावित स्थल पर आपत्ति दर्ज कराई गई है। ग्रामीणों ने परियोजना के लिए किसी अन्य उपयुक्त स्थान का चयन करने की मांग करते हुए प्रस्तावित भूमि का पुनः परीक्षण और स्थल निरीक्षण कराने का आग्रह किया है।
ग्रामीणों का कहना है कि सिलपहरी में जिस स्थान पर ट्रांसपोर्ट नगर स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है, उसे लेकर स्थानीय लोगों में गंभीर असहमति है। उनका मानना है कि इतनी बड़ी परियोजना के कारण क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे यातायात का दबाव, धूल-धुआं, शोर और पर्यावरण संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसका सीधा असर आसपास रहने वाले ग्रामीणों के जनजीवन और स्थानीय वातावरण पर पड़ने की आशंका है।
ग्रामीणों ने अपने आवेदन में आशंका जताई है कि ट्रांसपोर्ट नगर जैसी बड़ी परियोजना स्थापित होने से क्षेत्र में ट्रकों और अन्य भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ेगी। इससे सड़क यातायात प्रभावित होने के साथ धूल-धुआं और शोर की समस्या भी बढ़ सकती है। ग्रामीणों के मुताबिक, प्रस्तावित स्थल के आसपास रहने वाले लोगों की वर्तमान जरूरतों और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ही इतनी बड़ी परियोजना के लिए जगह का चयन किया जाना चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों का उद्देश्य आम जनता को सुविधाएं उपलब्ध कराना होना चाहिए। यदि किसी परियोजना के कारण स्थानीय निवासियों को असुविधा होने की आशंका है, तो प्रशासन को उनकी आपत्तियों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
ग्राम पंचायत सिलपहरी और ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि वे प्रशासन के विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं। उनकी मांग है कि विकास योजनाओं को जनहित, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय निवासियों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर लागू किया जाए। ग्रामीणों ने प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर के लिए किसी अन्य उपयुक्त एवं कम प्रभावित स्थान का चयन करने का सुझाव दिया है।
ग्रामीणों की ओर से 27 अक्टूबर 2026 को जिला कलेक्टर, बिलासपुर के समक्ष प्रस्तुत आवेदन में लगभग 55 एकड़ प्रस्तावित भूमि का पुनः परीक्षण कराने की मांग की गई है। आवेदन में प्रशासन से स्थल का निरीक्षण कराकर ग्रामीणों की आपत्तियों पर विचार करने और ट्रांसपोर्ट नगर को वर्तमान प्रस्तावित स्थान के बजाय किसी अन्य उपयुक्त जगह पर स्थापित करने का आग्रह किया गया है।
अब इस मामले में प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। ग्रामीणों की आपत्तियों और परियोजना की जरूरतों के बीच संतुलन बनाते हुए प्रशासन क्या निर्णय लेता है, इस पर स्थानीय लोगों की नजर रहेगी। फिलहाल ग्रामीणों ने अपनी मांग जिला प्रशासन के सामने रख दी है। प्रस्तावित स्थल पर आगे की कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक निर्णय का इंतजार है।

