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बिलासपुर: पुराना बस स्टैंड हत्याकांड का आरोपी दीपक हुआ गिरफ्तार, मामूली विवाद में हत्या और चाकूबाजी की घटना को दे रहा था आजम

Bilaspur: Deepak, accused of the old bus stand murder case, was arrested. Azam was accusing him of murder and stabbing in a minor dispute.

बिलासपुर। पुराना बस स्टैंड पर घटित एक जघन्य हत्या कांड का आरोपी, दीपक ठाकुर उर्फ बाबा, आखिरकार पुलिस की सतत् मेहनत और सूझबूझ से गिरफ्तार कर लिया गया। इस हत्या ने बिलासपुर शहर को हिला कर रख दिया था। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस और साइबर टीम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

दिनांक 25 अगस्त, 2024 की रात को मृतक राहुल सिंह चौहान की हत्या हुई थी। अज्ञात आरोपी ने पुराना बस स्टैण्ड, बिलासपुर के पास मृतक के गले पर नुकीले धारदार वस्त्र से वार कर हत्या कर दी थी। राहुल के भाई, हरीश सिंह चौहान द्वारा इस घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मामला पंजीकृत किया और जांच शुरू की।

हत्या स्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए, लेकिन आरोपी का चेहरा धुंधला और पहचान में कठिन था। इसके बावजूद पुलिस की सतर्कता और साइबर टीम की मदद से आरोपी की तलाश जारी रही।

आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
साइबर टीम और वरिष्ठ अधिकारियों की योजना के तहत आरोपी की तलाश के प्रयास तेज कर दिए गए। घटना के दिन आरोपी ने बहुत चालाकी से मृतक पर टूटे हुए शराब की शीशी से हमला किया और मौके से फरार हो गया था। उसकी पहचान में सीसीटीवी फुटेज और अन्य स्रोतों का इस्तेमाल किया गया।

अंततः, मुखबिर की सूचना पर बिलासपुर पुलिस ने जिला अस्पताल के पास घेराबंदी कर आरोपी दीपक ठाकुर उर्फ बाबा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान दीपक ने अपना अपराध स्वीकार किया और बताया कि शराब के पैसे को लेकर मृतक से विवाद हुआ था। दीपक ने टूटे हुए शराब की शीशी से राहुल पर वार किया और उसे मौत के घाट उतार दिया।

आरोपी का अन्य अपराध में संलिप्तता
दीपक ठाकुर का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से ही था। सरकंडा थाने में उसके खिलाफ पहले से ही एक मामला दर्ज था, जिसमें उसने शराब के पैसे मांगने पर अभिषेक सिंह पर हमला किया था। दीपक को उस मामले में भी गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ रहा था।

पुलिस की सराहनीय कार्यवाही
इस संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी सरकंडा तोप सिंह नवरंग, तारबाहर थाना प्रभारी गोपाल सतपथी, उपनिरीक्षक संजीव ठाकुर और साइबर सेल के अन्य अधिकारियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। सीसीटीवी फुटेज की गहन छानबीन और मुखबिरों से प्राप्त सूचना की त्वरित कार्रवाई के कारण पुलिस को आरोपी की गिरफ्तारी में सफलता मिली।

इस हत्या कांड ने बिलासपुर शहर में सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे, लेकिन पुलिस की त्वरित और सटीक कार्रवाई से जनता को न्याय मिला।

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